Friday, July 10, 2026
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उज्जैन में मानवता की मिसाल,ससुर ने बहू को बेटी बनाकर किया विदा, 7 लाख खर्च कर कराया पुनर्विवाह,कैंसर से हुई थी बेटे की मौत !

Anmol Sandesh News Desk,उज्जैन

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन से रिश्तों और इंसानियत की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने समाज के सामने नई मिसाल पेश की है। यहां एक परिवार ने विधवा बहू को बोझ नहीं समझा, बल्कि उसे अपनी बेटी का दर्जा देकर उसका नया जीवन बसाने का फैसला लिया।सबसे भावुक पल तब आया, जब ससुर ने खुद पिता की भूमिका निभाते हुए अपनी बहू का कन्यादान किया और उसे नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आशीर्वाद देकर विदा किया।

कैंसर से हुई थी बेटे की मौत

उज्जैन के जेथल निवासी दिनेश बैरागी के छोटे बेटे कपिल बैरागी की शादी साल 2018 में विदिशा की रहने वाली प्रियंका से हुई थी।शादी के करीब तीन साल बाद साल 2021 में कपिल को पैर में कैंसर होने का पता चला। करीब दो साल तक उनका इलाज चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 6 जून 2023 को कपिल का निधन हो गया।पति की मौत के बाद प्रियंका अपने ससुराल में ही रहने लगी।

ससुराल वालों ने लिया बड़ा फैसला

प्रियंका के भविष्य को लेकर उसके सास-ससुर चिंतित थे। उन्होंने फैसला किया कि बहू की जिंदगी अकेलेपन में नहीं बीतनी चाहिए।ससुर दिनेश बैरागी और सास कैलाश बाई ने समाज की परवाह किए बिना प्रियंका के पुनर्विवाह का निर्णय लिया।इसके बाद विदिशा निवासी गोविंद के साथ प्रियंका का रिश्ता तय किया गया।

भोपाल में हिंदू रीतिरिवाज से हुई शादी

दोनों परिवारों की सहमति के बाद भोपाल के एक रिसॉर्ट में पूरे हिंदू रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के साथ विवाह समारोह आयोजित किया गया।

इस शादी में:

* दोनों परिवारों के रिश्तेदार शामिल हुए
* समाज के लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया
* परिवार ने शादी की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाई

ससुर ने किया बहू का कन्यादान, भावुक हुआ परिवार

शादी का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया, जब दिनेश बैरागी ने अपनी बहू प्रियंका का कन्यादान किया।उन्होंने पिता की तरह सभी रस्में निभाईं और कहा कि उन्होंने अपनी बहू को हमेशा बेटी की तरह माना है।

शादी में खर्च किए 7 लाख रुपये

परिवार ने प्रियंका के पुनर्विवाह में करीब 7 लाख रुपये खर्च किए।

इसके अलावा:

  • करीब 400 लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई
  • गृहस्थी के लिए जरूरी सामान दिया गया
  • बेटी की तरह विदाई की गई

बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा

दिनेश बैरागी ने कहा कि वह अपनी बहू का भविष्य अंधकार में नहीं देखना चाहते थे।उन्होंने कहा—बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा।”परिवार ने इस सोच को सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे करके दिखाया।

समाज के लिए बनी प्रेरणा

प्रियंका के पिता रामबाबू ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी को ससुराल से इतना सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रियंका के ससुर ने पिता बनकर उसका कन्यादान किया, वह समाज के लिए बेहद प्रेरणादायक उदाहरण है।यह कहानी बताती है कि रिश्ते सिर्फ खून से नहीं, बल्कि सम्मान, जिम्मेदारी और प्रेम से भी बनते हैं।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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