Anmol Sandesh News Desk,पुणे
भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल केवल संघर्ष विराम जैसी स्थिति है। यदि भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना पूरी तैयारी के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ को अंजाम देने के लिए तैयार हैं।पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में आयोजित 150वीं पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया के सामने यह नया मानक स्थापित किया है कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब किस प्रकार देता है। उन्होंने नए कैडेट अधिकारियों से इस सैन्य परंपरा और मानक को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
NDA की पासिंग आउट परेड में दिखी सैन्य ताकत
रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में जनरल द्विवेदी ने 355 कैडेट अधिकारियों की परेड की सलामी ली। इस दौरान कैडेट्स ने शानदार मार्च पास्ट किया। समारोह में भारतीय वायुसेना के Sukhoi Su-30MKI, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने भी हिस्सा लिया।
नए अधिकारियों को दिया आधुनिक युद्ध का मंत्र
सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्ध पूरी तरह पारदर्शी हो चुका है और 24 घंटे निगरानी की जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, सैन्य अभियानों और सीमा क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक सतर्कता आवश्यक है।उन्होंने कहा कि इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी जीती जा सकती है जब नागरिकों और संस्थाओं के बीच विश्वास मजबूत हो। जिस देश के लोग और संस्थान एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, वह देश किसी भी संकट में अधिक मजबूत होकर उभरता है।जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि भविष्य के युद्धों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन की भूमिका निर्णायक होगी। तेजी से बदलते युद्धक्षेत्र में निर्णय लेने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।

2-3 साल में लागू हो सकता है थिएटर कमांड सिस्टम
सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों में थिएटर कमांड सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे संबंधित रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी गई है और विभिन्न स्तरों पर समीक्षा जारी है।नई व्यवस्था के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख अपनी-अपनी सेनाओं की तैयारी और संसाधनों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि थिएटर कमांडर संयुक्त सैन्य अभियानों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले 2 से 3 वर्षों में यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेगी।
‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ के तहत बदल रही सेना
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना बदलते युद्ध स्वरूप को ध्यान में रखते हुए खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ पहल के तहत सेना को अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने पर काम किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि सेना के भीतर नई तकनीकों पर आधारित इकाइयों और सैन्य संरचनाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें युवा अधिकारियों और सैनिकों की भूमिका अहम होगी।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। सेना के अनुसार 6-7 मई की रात मात्र 24 मिनट में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से संचालित 9 प्रमुख आतंकी ठिकानों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया था।भारतीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक इस अभियान में बड़ी संख्या में आतंकियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा था। बाद में 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई थी।
24 घंटे तैयार हैं तीनों सेनाएं
सेना प्रमुख के बयान से स्पष्ट संकेत मिला है कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी संभावित चुनौती के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति संघर्ष विराम की है, लेकिन यदि राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हुआ तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ सहित किसी भी आवश्यक कार्रवाई के लिए 24 घंटे तैयार हैं।
