Anmol Sandesh News Desk, इंदौर
Indore Drug Smuggling: दिल्ली से इंदौर लाई जा रही करीब 1.60 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित ड्रग्स को DRI ने जब्त किया है। खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने इंदौर-देवास बायपास के पास एक बस को रोककर संदिग्ध यात्री की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सलवार-सूट के अंदर छिपाए गए चार सीलबंद लिफाफे बरामद हुए। इनमें पॉलीथीन पैकेट में कुल 2.1 किलोग्राम एम्फेटामाइन मिली। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
खुफिया सूचना पर बस को रोका
DRI अधिकारियों के अनुसार, टीम को ड्रग्स की तस्करी से जुड़ी सूचना मिली थी। इसके बाद 9 सितंबर को इंदौर-देवास बायपास के पास दिल्ली से आ रही एक बस को रोका गया। बस में सवार एक संदिग्ध यात्री की तलाशी लेने पर उसके सामान से चार सीलबंद लिफाफे मिले। अधिकारियों के मुताबिक, इन लिफाफों को सलवार-सूट सेट के भीतर छिपाकर रखा गया था। जांच के दौरान लिफाफों के अंदर मौजूद पॉलीथीन बैग से कुल 2.1 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.60 करोड़
DRI के मुताबिक जब्त की गई एम्फेटामाइन की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये बताई गई है। ड्रग्स को जब्त करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे इंदौर में किसे सप्लाई किया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
भोपाल में भी ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ हाल में भोपाल में भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। अयोध्या नगर थाना पुलिस ने कथित तौर पर गुजरात के वडोदरा से MD (मेफेड्रोन) लाकर भोपाल के पॉश इलाकों और क्लबों में सप्लाई करने वाले संदीप सिंह (40) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, उसके कब्जे से 10.83 ग्राम MD, एक मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई थी।
क्या है एम्फेटामाइन?
एम्फेटामाइन एक स्टिमुलेंट यानी उत्तेजक पदार्थ है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसके अवैध इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। भारत में बिना वैध चिकित्सकीय उपयोग और कानूनी अनुमति के ऐसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों का कब्जा, परिवहन और तस्करी कानून के तहत अपराध है।
DRI की जांच में सामने आएंगे तस्करी नेटवर्क के तार
दिल्ली से इंदौर तक बस के जरिए इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पहुंचाने के मामले ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब जांच का फोकस कथित सप्लाई नेटवर्क, ड्रग्स के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचने पर है।
