Anmol Sandesh News Desk,जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। खोह नागोरियान इलाके में स्थित पटाखों के एक गोदाम में भीषण आग लगने से एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार का माहौल बन गया।
आग लगते ही मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खोह नागोरियान के आयशा नगर तलाई क्षेत्र में स्थित पटाखा गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोग आग की लपटों में घिर गए और सड़क पर निकलकर मदद के लिए तड़पते रहे। हालांकि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उन्हें तत्काल बचाया नहीं जा सका।
बच्चे समेत 4 लोगों की मौत
हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में रामगंज निवासी अब्दुल वाहिद की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य तीन मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।वहीं आग में झुलसे आजीम खान (18), नासिर खान (20), समीर खान (20) और बिलाल (22) को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों की हालत बेहद गंभीर
एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों के अनुसार समीर और नासिर करीब 95 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। बिलाल 75 प्रतिशत और एक अन्य घायल 65 प्रतिशत तक जल गया है। सभी का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
रिहायशी इलाके में चल रहा था गोदाम
जयपुर कलेक्टर Sandesh Nayak ने बताया कि हादसा खोह नागोरियान क्षेत्र के आईटीआई कॉलेज के पास स्थित पटाखा गोदाम में हुआ। प्रारंभिक जांच में किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगने की आशंका जताई गई है।वहीं जयपुर पुलिस कमिश्नर Sachin Mittal ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह पटाखों का गोदाम था जबकि फैक्ट्री किसी अन्य स्थान पर संचालित होती है। जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
अवैध गोदाम पर होगी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह गोदाम रिहायशी इलाके में अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने गोदाम मालिक की भूमिका की जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
विधायक ने उठाए सवाल
क्षेत्रीय विधायक Amin Kagzi ने हादसे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आबादी वाले इलाके में बारूद और पटाखों का गोदाम चल रहा था, तो क्या इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को नहीं थी?उन्होंने कहा कि यदि अवैध रूप से गोदाम संचालित हो रहा था तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। विधायक ने हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच के आदेश
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों, गोदाम के लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।यह दर्दनाक घटना एक बार फिर रिहायशी क्षेत्रों में ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
