Friday, November 6, 2026
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जंतर-मंतर पर अब नहीं गूंजेंगे विरोध के नारे! सालों पुराने बैरिकेड्स हटे, प्रदर्शन पर लगी रोक, ट्रैफिक के लिए खुली सड़क

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।

Jantar Mantar Protest Ban: देश की राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए पहचाने जाने वाले ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर अब धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया है। इसी फैसले के बाद इलाके में वर्षों से लगे बैरिकेड्स भी हटा दिए गए हैं। इससे जंतर-मंतर रोड पर आम लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले के साथ ही देशभर के विभिन्न मुद्दों को लेकर यहां विरोध दर्ज कराने वाले संगठनों और प्रदर्शनकारियों के सामने अब नए ठिकाने तलाशने की चुनौती खड़ी हो गई है।

सालों से बैरिकेडिंग के कारण परेशान थे लोग

जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न जन आंदोलनों के विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां आए दिन धरना, प्रदर्शन और आंदोलन आयोजित किए जाते थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी।

इसका असर केवल प्रदर्शनकारियों तक सीमित नहीं था, बल्कि आम वाहन चालकों, स्थानीय निवासियों और आसपास के कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार सड़क बंद होने और यातायात डायवर्ट किए जाने से लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। अब बैरिकेड्स हटने से इस इलाके में सामान्य यातायात व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।

आखिर क्यों बंद किया गया जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का रास्ता?

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के पीछे यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को प्रमुख वजह बताया है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल पुलिस के जवाब के मुताबिक, जंतर-मंतर पर हर साल लगभग 1300 से अधिक प्रदर्शन आयोजित होते हैं।

पुलिस के अनुसार, इस स्थान पर करीब 1500 लोगों के एकत्र होने की क्षमता है, लेकिन कई बार प्रदर्शनकारियों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

इसके अलावा बड़े प्रदर्शनों के कारण जनपथ, कनॉट प्लेस और आसपास के व्यस्त मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है। एंबुलेंस, दमकल वाहनों और अन्य आपातकालीन सेवाओं को भी कई बार रास्ता मिलने में दिक्कत आती है। स्थानीय निवासियों की ओर से भी बार-बार यातायात प्रतिबंधों और रास्तों की बंदिशों को लेकर शिकायतें की गई थीं।

अब इन तीन जगहों पर होंगे धरना-प्रदर्शन

जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के बाद दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शनों के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं। अब विभिन्न संगठनों को इन स्थानों पर प्रदर्शन करने के लिए अनुमति लेनी होगी।

  1. रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली में स्थित रामलीला मैदान अब बड़े धरना-प्रदर्शनों के लिए प्रमुख विकल्प होगा।
  2. बुराड़ी मैदान: उत्तर-पश्चिम दिल्ली में स्थित बुराड़ी मैदान को भी वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल बनाया गया है।
  3. CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड भी अब संगठनों और आंदोलनकारियों के लिए निर्धारित विकल्पों में शामिल है।

इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संबंधित संगठनों को दिल्ली पुलिस के पास अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित करने पर कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है।

गृह मंत्रालय की सिफारिशों के बाद लिया गया फैसला

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर करने का निर्णय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों और मौजूदा सुरक्षा एवं यातायात परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है। पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है।

जंतर-मंतर की पहचान बदलेगी, लेकिन सवाल भी उठेंगे!

जंतर-मंतर केवल दिल्ली की एक सड़क या पर्यटन स्थल नहीं रहा है, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक आंदोलनों और विरोध की आवाज का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी रहा है। यहां किसानों से लेकर बेरोजगार युवाओं, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों तक ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है।

अब यहां प्रदर्शन पर रोक और बैरिकेड्स हटाए जाने के बाद एक तरफ आम लोगों को यातायात से राहत मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ यह सवाल भी उठेगा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वाले संगठनों के लिए राजधानी में पर्याप्त और सुलभ प्रदर्शन स्थल कितने उपलब्ध रहेंगे।

फिलहाल जंतर-मंतर रोड पर बैरिकेड्स हटने के साथ ही इलाके की तस्वीर बदलने लगी है। अब देखना होगा कि नई व्यवस्था से यातायात और सुरक्षा की समस्याएं कितनी कम होती हैं और प्रदर्शनकारियों को वैकल्पिक स्थानों पर कितनी सुविधाएं मिल पाती हैं।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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