Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 16 अक्टूबर 2026 को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है और इससे पहले बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन जारी है। इसी बीच कवि और पूर्व आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास का नाम बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों के पैनल में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव के लिए 25 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा है। इस सूची में कुमार विश्वास के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरीश द्विवेदी समेत कई अन्य नेताओं के नाम बताए गए हैं। हालांकि, बीजेपी ने अभी इनमें से किसी भी नाम को अंतिम उम्मीदवार के तौर पर घोषित नहीं किया है।
कुमार विश्वास का नाम क्यों चर्चा में आया?
कुमार विश्वास की पहचान कवि और मंचीय वक्ता के साथ-साथ एक राजनीतिक चेहरे के रूप में भी रही है। वह आम आदमी पार्टी के शुरुआती दौर के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे और 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से चुनाव लड़ा था। बाद में उनका राजनीतिक रास्ता आम आदमी पार्टी से अलग हो गया। अब बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों के पैनल में उनका नाम सामने आने के बाद उनकी संभावित राजनीतिक वापसी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में यह कहना जल्दबाजी होगी कि कुमार विश्वास बीजेपी के उम्मीदवार होंगे। फिलहाल उनका नाम पार्टी के आंतरिक संभावित पैनल में बताए जाने तक सीमित है।
अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा
29 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, यूपी बीजेपी की कोर कमेटी ने राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की है। इसके बाद संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाना है और अंतिम उम्मीदवारों का फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान होगा।
यूपी की 10 सीटों पर क्यों है इतना फोकस?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें से 8 सीटें फिलहाल बीजेपी के पास हैं, जबकि एक सीट समाजवादी पार्टी और एक सीट बहुजन समाज पार्टी के पास है। इन सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। राज्यसभा के इन चुनावों में उत्तर प्रदेश के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं और चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली के तहत होता है।
