Friday, October 2, 2026
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मानसून की विदाई के बीच मौसम के दो रंग: राजस्थान में 38°C तक पहुंचा पारा, केदारनाथ में माइनस 4°C; यूपी-बिहार में बाढ़ से हालात बिगड़े

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी पूरी तरह एक जैसा नहीं हुआ है। एक तरफ राजस्थान के मैदानी इलाकों में अक्टूबर की शुरुआत के साथ दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, वहीं उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड ने दस्तक दे दी है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में बारिश कम होने के बावजूद नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ का संकट बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की वापसी केवल बारिश रुकने से तय नहीं होती, बल्कि लगातार शुष्क मौसम, निचले स्तर की हवाओं में बदलाव और वातावरण में नमी कम होने जैसे कई मौसम संबंधी संकेतों को देखा जाता है।

राजस्थान में दिन में तेज गर्मी, रात में हल्की ठंडक

राजस्थान में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम में दिन और रात के तापमान का अंतर बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय तेज धूप और गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के समय हल्की ठंडक बनी हुई है। फलोदी में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पिलानी, चूरू, श्रीगंगानगर और जैसलमेर जैसे इलाकों में भी तापमान 37-38 डिग्री के आसपास रहा। कम बारिश वाले क्षेत्रों में अक्टूबर के शुरुआती दिनों में दिन का तापमान अपेक्षाकृत ज्यादा रहने से गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ में माइनस 4°C

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। हाल में हुई बर्फबारी के बाद केदारनाथ में तापमान माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। वहीं राज्य के कुछ पहाड़ी जिलों में आज बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि उपलब्ध मौसम अपडेट के अनुसार फिलहाल किसी जिले के लिए अलग से गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान गिरने के साथ ही सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। इससे उत्तराखंड में सर्दियों की दस्तक के संकेत भी मिलने लगे हैं।

यूपी में बारिश थमी, लेकिन नदियों का पानी बढ़ा

उत्तर प्रदेश में कई जगह बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसकी बड़ी वजह ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और नेपाल में हुई बारिश के बाद नदियों में आया अतिरिक्त पानी है। गंगा, घाघरा और शारदा समेत कई नदियों का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है और कुछ जगहों पर लोगों को नाव के जरिए आवाजाही करनी पड़ रही है। नेपाल में हुई बारिश के बाद घाघरा नदी का पानी गोंडा जिले के कई गांवों में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं उत्तर प्रदेश के दूसरे नदी किनारे वाले जिलों में भी प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालिया भारी बारिश के दौरान उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव से बड़े स्तर पर नुकसान की रिपोर्ट सामने आई थी।

बिहार में 6 जिलों में बाढ़, 2.03 लाख लोग प्रभावित

बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। नेपाल के गंडक बेसिन में हुई भारी बारिश के बाद गंडक, कोसी और अन्य नदियों में पानी बढ़ा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक करीब 2.03 लाख लोग छह जिलों में बाढ़ से प्रभावित हैं। कई स्थानों पर तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने से कटाव और टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और पश्चिमी चंपारण सहित कई इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। सारण के हजलपुर में तटबंध टूटने के बाद पानी के तेज बहाव में एक घर बहने की भी रिपोर्ट है।

बिहार में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

बिहार के आधिकारिक फ्लड मॉनिटरिंग डेटा में 1 अक्टूबर को कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। गंडक, कोसी, गंगा, सोन और बूढ़ी गंडक के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर पानी चेतावनी या खतरे के स्तर से ऊपर रहा। गंडक के बगहा स्टेशन पर भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है।

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के संकेत

मध्य प्रदेश में भी दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर करीब पहुंच गया है। हालांकि वातावरण में बची नमी के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर भारी बारिश का दौर कमजोर पड़ रहा है। मौसम का ट्रेंड अब धीरे-धीरे बारिश से शुष्क मौसम की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात में हल्की ठंडक का असर बढ़ सकता है।

छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर कमजोर

छत्तीसगढ़ में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। अक्टूबर की शुरुआत में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। मानसून की विदाई के साथ आने वाले दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि सुबह और रात के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है।

दिल्ली समेत उत्तर भारत में बदल रहा मौसम

दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मानसून के बाद का मौसम धीरे-धीरे आकार ले रहा है। बारिश में कमी के साथ आसमान साफ रहने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो सकता है। हालांकि उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियों का जलस्तर अभी ऊंचा होने के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। यानी बारिश कम होने के बावजूद बाढ़ का पानी तुरंत कम नहीं होगा, क्योंकि नदियों और जलाशयों के जलस्तर में बदलाव बारिश के मुकाबले धीरे होता है।

मौसम का कुल मिलाकर क्या संकेत?

अक्टूबर की शुरुआत में देश में मौसम के अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं। राजस्थान के मैदानी हिस्सों में दिन के समय गर्मी बढ़ रही है, उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में ठंड और बर्फबारी का असर दिखाई दे रहा है, जबकि यूपी और बिहार में नदियों का बढ़ा जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। यानी मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन उसका असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अगले कुछ दिनों तक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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