Anmol Sandesh News Desk | नई दिल्ली
देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अब अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। एक तरफ बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियों के उफान से बाढ़ का संकट गहरा रहा है, वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश के बीच भूस्खलन और जलभराव ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। भारतीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बिहार में 8 से 10 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में पहले से बाढ़ की चपेट में आए इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
बिहार में 13 जिलों में बाढ़, लाखों लोग प्रभावित
बिहार में गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 13 जिलों में करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य की गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। हालांकि 8 सितंबर की एक बाद की रिपोर्ट में प्रभावित आबादी का आंकड़ा 34.31 लाख बताया गया है। यानी हालात लगातार बदल रहे हैं और प्रशासन को नए इलाकों में राहत पहुंचानी पड़ रही है। सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज किए हैं। सोमवार को 190 सामुदायिक रसोई संचालित होने और करीब 1,429 नावों के राहत एवं बचाव कार्य में लगाए जाने की जानकारी दी गई थी।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में अलर्ट
पटना के गांधी घाट और हथीदह में गंगा का जलस्तर बेहद ऊंचे स्तर तक पहुंचा। इसके बाद निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है और दियारा क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम जारी है। 8 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर के सुल्तानगंज में भी गंगा का जलस्तर पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर गया। प्रशासन ने डाउनस्ट्रीम इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है।
नाव पलटने की घटना में सभी सुरक्षित
बाढ़ के बीच नाव पलटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। भागलपुर के राघोपुर क्षेत्र में चारे से जुड़ी नाव के पलटने की घटना हुई, जिसमें SDRF ने सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों से सावधान रहने की जरूरत है जिनमें सभी यात्रियों के लापता होने का दावा किया जा रहा है।
यूपी में गंगा का कटान, छह पक्के मकान बहे
उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ और कटान ने कई इलाकों में तबाही मचाई है। फर्रुखाबाद के समैचीपुर चितार गांव में गंगा के तेज कटान के कारण छह पक्के मकान बह गए। प्रशासन ने गांव को खाली कराने की कार्रवाई की और करीब 40 परिवारों को बाढ़ शरणालय पहुंचाया। राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों को निकालने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

हरिद्वार में नाले में बही बच्ची, SDRF का सर्च ऑपरेशन
उत्तराखंड के हरिद्वार में बारिश के दौरान सिडकुल थाना क्षेत्र के रावली महदूद में दो बच्चियां पुलिया के पास नाले में गिर गईं। तेज बहाव में एक बच्ची बह गई, जबकि दूसरी को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस और SDRF की टीम लापता बच्ची की तलाश में जुटी है। घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान खुले नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हिमाचल में NH-5 पर लैंडस्लाइड, सेब से लदे वाहन फंसे
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बीच शिमला-किन्नौर मार्ग पर भी मुश्किलें बढ़ी हैं। हिंदुस्तान-तिब्बत नेशनल हाईवे-5 पर ठियोग के जनोगघाट के पास सुबह करीब पांच बजे लैंडस्लाइड हुआ। मलबे के साथ देवदार के दो-तीन बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। सड़क बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सेब सीजन के चलते फल लेकर जा रहे वाहनों पर भी इसका असर पड़ा है। आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होने की खबर है।
मध्य प्रदेश में अब बारिश की रफ्तार धीमी
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अच्छी बारिश के बाद अब कई क्षेत्रों में गतिविधियां कमजोर पड़ने लगी हैं। IMD के 6 सितंबर के विस्तारित पूर्वानुमान में भी मध्य प्रदेश में शुरुआती दिनों की भारी बारिश के बाद बारिश की गतिविधियों में बदलाव का संकेत दिया गया था। प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बारिश की कमी बनी हुई है। ऐसे में किसानों के लिए अगले कुछ दिनों का स्थानीय मौसम पूर्वानुमान महत्वपूर्ण रहेगा।
हरियाणा और राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून
हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के साथ कई क्षेत्रों में बारिश का दौर थमने लगा है। बारिश कम होने से उमस और तापमान में बढ़ोतरी महसूस की जा सकती है। राजस्थान में भी मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर बताई जा रही है। कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है, जबकि अगले चरण में मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।
देश में मौसम की दो तस्वीरें
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखें तो देश के अलग-अलग हिस्सों में दो बिल्कुल अलग तस्वीरें दिखाई दे रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश में नदियों के बढ़े जलस्तर से बाढ़ और कटाव का संकट बना हुआ है, जबकि हिमाचल और उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तेज बहाव परेशानी का कारण बन रहे हैं। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने से बारिश में कमी और तापमान बढ़ने की स्थिति बन रही है।
