Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जारी किसान आंदोलन का असर अब आम जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। किसानों के प्रदर्शन और शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 29 जुलाई 2026 को कई निजी स्कूलों ने छात्रों के लिए छुट्टी घोषित कर दी।स्कूलों ने सुबह करीब 5 बजे अभिभावकों को मैसेज भेजकर छुट्टी की जानकारी दी। हालांकि, कई पैरेंट्स को सूचना मिलने में देरी हुई और वे बच्चों को लेकर स्कूल पहुंच गए, लेकिन स्कूल बंद मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।

कलेक्टर के आदेश के बाद स्कूल बंद
भोपाल कलेक्टर सुमित पाण्डेय ने शहर में यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया।
इन इलाकों के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई—
- नर्मदापुरम रोड
- कटारा हिल्स
- एमपी नगर
- आसपास के प्रभावित क्षेत्र
प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री आवास घेराव की थी तैयारी
बता दें कि किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में आंदोलन कर रहे हैं। किसानों ने मूंग की 100% सरकारी खरीदी, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया था।मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान राजधानी पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
2-3 हजार किसानों को आरआरएल तिराहा पर रोका गया
पुलिस ने करीब 2 से 3 हजार किसानों को आरआरएल तिराहा के पास रोक दिया। इसके चलते—
- नर्मदापुरम रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
- शहर के कई हिस्सों में जाम की स्थिति बनी।
- पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर व्यवस्था संभालने की कोशिश की।
बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़े किसान
प्रशासन ने आंदोलन को देखते हुए ग्यारह मील, मिसरोद और बाग सेवनिया में बैरिकेड लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी कई जगहों पर बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ गए।इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक की स्थिति भी बनी। हालांकि, पुलिस की ओर से बल प्रयोग की जानकारी सामने नहीं आई है।
किसानों की मुख्य मांगें
किसान इन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं—
* मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी
* खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था खत्म करना
* पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना
* भावांतर योजना को लेकर मांगें
फिलहाल स्थिति
- भोपाल में किसान आंदोलन जारी।
- कई स्कूलों में छुट्टी घोषित।
- कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित।
- पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी में जुटा।
- किसान मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
