Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।
MP Cyclone Murasu Weather Update: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद यह तूफान तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले दो दिनों तक आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली और जबलपुर समेत प्रदेश के 15 जिलों में मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, मौसम में बदलाव के चलते कई जिलों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा रही है।
अगले 48 घंटे मौसम रहेगा बदला-बदला, 15 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात ‘मुरासु’ का प्रभाव मध्य प्रदेश के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। अगले दो दिनों तक कई जिलों में बादल छाए रहने के साथ आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है।
इन 15 जिलों में यलो अलर्ट:
- रीवा
- सतना
- सीधी
- सिंगरौली
- मऊगंज
- अनूपपुर
- शहडोल
- उमरिया
- डिंडोरी
- छिंदवाड़ा
- सिवनी
- मंडला
- बालाघाट
- मैहर
- पांढुर्णा
इन जिलों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।
भोपाल समेत कई जिलों में छाए बादल, बदला मौसम
चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। सोमवार, 2 नवंबर को भोपाल सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहे।
मौसम में आए इस बदलाव से दिन और रात के तापमान में भी अंतर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में ठंड का असर बढ़ने लगा है, जबकि कुछ जिलों में अभी भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है।
भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग में 4 डिग्री तक गिरा तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान में लगभग 2.1 से 4.1 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
तापमान में गिरावट के चलते नवंबर के पहले सप्ताह में ही लोगों को सुबह और रात के समय स्वेटर और जैकेट का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम में बदलाव के साथ ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।
हालांकि, प्रदेश के सभी हिस्सों में ठंड का एक जैसा असर नहीं है। ग्वालियर और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से 4.3 से 4.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया है।
शाजापुर का गिरवर सबसे ठंडा, भोपाल में पचमढ़ी से भी कम तापमान
मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान के मामले में शाजापुर जिले का गिरवर सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, अन्य प्रमुख स्थानों का न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:
| शहर/स्थान | न्यूनतम तापमान |
| गिरवर (शाजापुर) | 14.6°C |
| दमोह | 14.8°C |
| भोपाल | 15.0°C |
| पचमढ़ी | 15.4°C |
| करौंदी (कटनी) | 15.6°C |
खास बात यह रही कि राजधानी भोपाल में पचमढ़ी से भी कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दूसरी ओर, प्रदेश में अधिकतम तापमान रतलाम और नर्मदापुरम में 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
चक्रवात के असर से आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विशेष रूप से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के जिलों में मौसम का असर ज्यादा रहने की संभावना है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
