Tuesday, November 3, 2026
Homeअन्य राज्यचक्रवात ‘मुरसु’ का आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, 120 KM की रफ्तार से...

चक्रवात ‘मुरसु’ का आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, 120 KM की रफ्तार से चली हवाएं, भारी बारिश से मचा हड़कंप; 19 उड़ानें रद्द, 5 राज्यों में अलर्ट

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।

Cyclone Murasu LIVE Update: बंगाल की खाड़ी से उठा भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा गया। ओंगोल के पास तूफान का लैंडफॉल हुआ, जिसके बाद दक्षिणी आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जबकि तेज झोंकों के साथ इसकी गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

मुरसु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के कई जिलों में पेड़ उखड़ गए हैं, कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कोथापटनम, ओंगोल, बापटला और गुंटूर समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग ने लोगों को घरों में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

5 राज्यों में हाई अलर्ट, 37 NDRF टीमें तैनात

चक्रवात मुरसु के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा समेत पांच राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 37 NDRF टीमों को तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य प्रशासन और SDRF की टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं।

तूफान के प्रभाव को देखते हुए तटीय इलाकों के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अब तक 19 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। पुडुचेरी और उत्तरी तमिलनाडु में भी लगातार बारिश हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

इन जिलों में रेड अलर्ट, लोगों को घरों में रहने की सलाह

आंध्र प्रदेश मौसम विभाग ने कृष्णा, गुंटूर, बापटला, पलनाडु, NTR और प्रकाशम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। कुछ अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मध्य तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा भी बना हुआ है।

1 से 1.5 मीटर ऊंची उठ सकती हैं समुद्री लहरें

IMD ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में सामान्य ज्वार-भाटा से लगभग 1 से 1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं। कृष्णा और प्रकाशम जिलों के बीच बापटला क्षेत्र में इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।

मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। बंदरगाहों पर भी खतरे के संकेत जारी रखे गए हैं। प्रशासन ने समुद्र और तटीय क्षेत्रों में गतिविधियों पर रोक लगाई है।

अगले 12 घंटे में कमजोर पड़ सकता है मुरसु

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात मुरसु उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके मंगलवार दोपहर तक कमजोर होकर सामान्य चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया कि मंगलवार दोपहर तक हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके बाद 3 नवंबर की मध्यरात्रि तक तूफान के और कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में बदलने का अनुमान है।

हालांकि, तूफान के कमजोर होने के बावजूद तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम के डॉप्लर वेदर रडार से लगातार निगरानी की जा रही है।

भूस्खलन की आशंका, परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया

NTR जिले के कलेक्टर लक्ष्मिशा के मुताबिक, मोगलराजपुरम में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एहतियातन कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घरों के भीतर रहें, बच्चों को बाहर न जाने दें और बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें। प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

अमित शाह ने CM चंद्रबाबू नायडू से की बात

चक्रवात मुरसु को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से फोन पर बातचीत की और राज्य में हालात की जानकारी ली।

अमित शाह ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें पहले से ही प्रभावित इलाकों में तैनात हैं और लोगों की सहायता कर रही हैं। केंद्र सरकार इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

प्रशासन अलर्ट, बिजली और यातायात बहाल करने की कोशिश

ओंगोल के कलेक्टर पी. राजाबाबू ने कमांड कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सड़कों पर गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने, यातायात व्यवस्था बहाल करने और क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे की मरम्मत के निर्देश दिए।

वहीं प्रकाशम जिले के SP हर्षवर्धन राजू ने बताया कि जिले में NDRF की तीन और SDRF की एक टीम तैनात है। प्रभावित गांवों में संचार व्यवस्था स्थापित की गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular