Wednesday, November 4, 2026
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आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा तूफान ‘मुरासु’, छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में येलो अलर्ट; बस्तर के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Anmol Sandesh News Desk, रायपुर।

Cyclone Murasu Chhattisgarh Weather Alert: चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा यह तूफान 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकराया था। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर हुआ। मौसम विभाग के 4 नवंबर के बुलेटिन के अनुसार, मुरासु अब गहरे अवदाब यानी डीप डिप्रेशन में बदल चुका है। हालांकि, इसके अवशेषों का असर छत्तीसगढ़ समेत आसपास के राज्यों में बना हुआ है।

रायपुर-दुर्ग समेत 15 जिलों में येलो अलर्ट

मुरासु के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने बुधवार, 4 नवंबर को छत्तीसगढ़ के 15 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें रायपुर और दुर्ग समेत प्रदेश के कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात होने की आशंका है।

वहीं, बस्तर संभाग के छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां मौसम ज्यादा खराब रहने की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज बारिश और आंधी के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम संबंधी रिपोर्टों के मुताबिक, हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बस्तर संभाग में बढ़ी चिंता

बस्तर संभाग के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद स्थानीय प्रशासन और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका रह सकती है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों की बढ़ी परेशानी, अर्नब के बाद मुरासु की मार

छत्तीसगढ़ के किसान अभी चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण फसलों को हुए नुकसान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए हैं। ऐसे में मुरासु के प्रभाव से दोबारा बारिश होने की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसल और कटाई के बाद खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है।

हाल ही में राज्य सरकार ने अर्नब से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मुआवजे की घोषणा की थी। अब मुरासु के कारण मौसम बिगड़ने से किसानों के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है।

आंध्र प्रदेश में कमजोर पड़ा मुरासु, तेलंगाना में भी बारिश का खतरा

मुरासु ने 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया था। इसके बाद इसकी ताकत लगातार कम हुई और 4 नवंबर की सुबह यह गहरे अवदाब में बदल गया। हालांकि, इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। खासकर आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, खेतों और जलस्रोतों के आसपास जाने से बचना चाहिए।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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