Sunday, October 4, 2026
Homeअन्य राज्यनायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, भोपाल में पेट्रोल ₹119.54...

नायरा का पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, भोपाल में पेट्रोल ₹119.54 और डीजल ₹103.64; कच्चे तेल की तेजी का असर

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों के लिए बड़ी खबर है। देश की प्रमुख निजी फ्यूल रिटेल कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी ने पेट्रोल की कीमत में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई दरें शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। कंपनी ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच उठाया है।

भोपाल में कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?

नायरा की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भोपाल में पेट्रोल की कीमत करीब ₹119.54 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹103.64 प्रति लीटर हो गई है। यानी अब नायरा के पेट्रोल पंप पर वाहन चालकों को पहले की तुलना में पेट्रोल के लिए ₹5 और डीजल के लिए ₹3 ज्यादा चुकाने होंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें राज्यों में टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण अलग-अलग हो सकती हैं।

क्यों बढ़ाए गए दाम?

नायरा की ओर से कीमतों में यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की लागत बढ़ी हुई है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लागत और घरेलू खुदरा कीमतों के बीच अंतर बढ़ने से निजी फ्यूल रिटेलरों के मार्जिन पर दबाव आया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, नायरा ने बढ़ती लागत के असर को कम करने और घरेलू बिक्री कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुरूप करने के लिए यह कदम उठाया है।

इस साल दूसरी बार नायरा ने बदले दाम

नायरा एनर्जी ने इससे पहले 26 मार्च 2026 को भी पेट्रोल की कीमत में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। उस समय अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी और आपूर्ति संबंधी दबाव के बीच कंपनी ने कीमतें बढ़ाई थीं। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने पर कंपनी ने 1 जुलाई 2026 को पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता कर दिया था। यानी अक्टूबर की मौजूदा बढ़ोतरी जुलाई में किए गए कट की पूरी तरह भरपाई करती है।

सरकारी तेल कंपनियों ने अभी नहीं बढ़ाए दाम

नायरा के इस फैसले के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों की ओर से फिलहाल पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में ऐसी नई बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) देश के पेट्रोल पंप नेटवर्क के बड़े हिस्से को संचालित करते हैं। इनके अलावा निजी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के रेट भी अलग हो सकते हैं। ताजा रिपोर्टों के अनुसार सरकारी कंपनियां बढ़ी हुई अंतरराष्ट्रीय लागत के बावजूद घरेलू पंप कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं।

सरकारी तेल कंपनियों पर भी बढ़ा लागत का दबाव

रेटिंग एजेंसी ICRA के सितंबर 2026 के आकलन के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहने के कारण सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। ICRA के अनुसार, पेट्रोल पर करीब ₹8 प्रति लीटर और डीजल पर करीब ₹9 प्रति लीटर का नकारात्मक मार्केटिंग मार्जिन था। घरेलू LPG पर भी सितंबर में करीब ₹300 प्रति सिलेंडर की अंडर-रिकवरी का अनुमान लगाया गया। इन सभी प्रभावों को मिलाकर OMCs का दैनिक नुकसान करीब ₹530 करोड़ आंका गया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल

ICRA के अनुसार, भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 21 सितंबर 2026 को करीब $117.4 प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में इसका औसत करीब $66 प्रति बैरल था। पश्चिम एशिया में तनाव और तेल आपूर्ति मार्गों में व्यवधान को कच्चे तेल की तेजी के प्रमुख कारणों में बताया गया। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर रिफाइनिंग और फ्यूल मार्केटिंग की लागत पर पड़ता है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं और घरेलू खुदरा कीमतों में उसी अनुपात में बदलाव नहीं होता, तो तेल कंपनियों की कमाई और कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है।

निजी कंपनियों के दाम और सरकारी कंपनियों के रेट में अंतर

नायरा द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने के बाद निजी और सरकारी तेल कंपनियों के पंपों पर पेट्रोल-डीजल के दामों में अंतर देखने को मिल सकता है। नायरा देशभर में 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशन संचालित करती है। जुलाई में कीमत घटाने के बाद कंपनी के रेट कई जगह सरकारी कंपनियों के रेट के करीब आ गए थे। अब अक्टूबर की नई बढ़ोतरी के बाद नायरा के ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल के लिए पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा।

आम लोगों की जेब पर क्या असर पड़ेगा?

पेट्रोल में ₹5 और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी सीधे तौर पर नायरा के पेट्रोल पंपों से ईंधन लेने वाले ग्राहकों के खर्च को बढ़ाएगी। खासकर रोजाना वाहन चलाने वाले लोगों, टैक्सी और कमर्शियल वाहन संचालकों के लिए ईंधन लागत बढ़ सकती है। डीजल की कीमत बढ़ने का असर परिवहन लागत पर भी पड़ सकता है, हालांकि इसका वास्तविक असर अलग-अलग क्षेत्रों, कंपनियों और परिवहन ऑपरेटरों की लागत संरचना पर निर्भर करेगा।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular