Anmol Sandesh News Desk,भोपाल/इंदौर
NEET पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित घोटालों के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोमवार से ‘साइक्लोथॉन’ की शुरुआत कर दी। यह दो दिवसीय साइकिल यात्रा इंदौर से भोपाल तक निकाली जा रही है, जिसका नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कर रहे हैं। यात्रा की शुरुआत सुबह 8 बजे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आरएनटी मार्ग परिसर से हुई।कांग्रेस का कहना है कि यह यात्रा केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर जनजागरण अभियान है।

क्या हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें?
साइक्लोथॉन के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं।
- NEET समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर सख्त रोक।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद कर परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
कांग्रेस का कहना है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
2,000 से ज्यादा साइकिल सवार होंगे शामिल
इंदौर से भोपाल तक निकाली जा रही इस यात्रा में रास्ते में पड़ने वाले इंदौर, देवास, सीहोर और भोपाल जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। प्रत्येक जिले से करीब 500 साइकिल सवार यात्रा में जुड़ेंगे।यात्रा के अंतिम चरण में दो हजार से अधिक साइकिल यात्री प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ भोपाल पहुंचेंगे।
साइकिलिंग ग्रुप और फिटनेस क्लब भी बने हिस्सा
यात्रा के लिए इंदौर से भोपाल तक पूरे रास्ते साथ चलने वाले नियमित साइकिल चालकों की अलग सूची तैयार की गई है। इसमें शहर के साइकिलिंग ग्रुप, प्रोफेशनल साइकिल रेसर और विभिन्न फिटनेस क्लबों के सदस्य भी शामिल हैं, जो पूरे अभियान का हिस्सा बनेंगे।
पहला पड़ाव आष्टा, दूसरे दिन भोपाल पहुंचेंगे
पहले दिन इंदौर से रवाना होने के बाद यात्रा का रात्रि विश्राम सीहोर जिले के आष्टा स्थित गोकुलधाम मैरिज गार्डन में होगा। इसके बाद 15 जुलाई की सुबह कोठरी कस्बे से यात्रा दोबारा शुरू होगी और भोपाल पहुंचकर इसका समापन होगा।कांग्रेस का दावा है कि इस अभियान का उद्देश्य युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाना और प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने की मांग को मजबूती देना है।
