Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली/काठमांडू।
नेपाल में भीषण बाढ़ और भोटेकोशी नदी की तबाही के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। संकट की इस घड़ी में भारत ने नेपाल के लिए 35 टन राहत एवं बचाव सामग्री की 8वीं खेप भेजी है। भारतीय वायुसेना का विमान बुधवार को राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचा। इसके साथ भारत की ओर से नेपाल को भेजी गई राहत सामग्री की कुल मात्रा 130 टन से अधिक हो गई है। भारत की ओर से भेजी गई इस खेप में टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जरूरी दवाएं और रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं। नेपाल में राहत अभियान 26 अगस्त से जारी है। इसके साथ ही भारत ने राहत कार्यों में तकनीकी और विशेषज्ञ सहायता भी बढ़ाई है।
बाढ़ में 1367 शव बरामद, DNA से पहचान की कोशिश
नेपाल पुलिस के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 1367 शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें से 102 शवों की पहचान की जा चुकी है। बड़ी संख्या में शवों की पहचान अभी बाकी है। इसके लिए DNA सैंपल जुटाए जा रहे हैं। भारत सहित कई देशों के फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाली एजेंसियों के साथ मिलकर पहचान प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
चिलिमे टनल में 105 मीटर तक पहुंचा रेस्क्यू अभियान
रसुवा जिले के चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में नेपाली और भारतीय सेना की टीमें संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। टीम अब तक सर्विस टनल के भीतर करीब 105 मीटर तक पहुंच चुकी है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण टनल तथा आसपास के क्षेत्र में भारी मलबा जमा है। प्रोजेक्ट तक पहुंचने वाली सड़क से भी मलबा हटाने का काम जारी है। प्रभावित क्षेत्र के दोनों ओर आवागमन बनाए रखने के लिए रोप लाइन की व्यवस्था की गई है। नेपाली सेना की टीम बाढ़ आने के दिन ही मौके पर पहुंच गई थी। शुरुआती निरीक्षण के बाद टनल के मुहाने से मिट्टी और मलबा हटाकर अंदर प्रवेश किया गया। अभियान के दौरान यहां से दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाने के लिए एक्सकेवेटर के साथ बॉबकैट एक्सकेवेटर भी लगातार खुदाई और मलबा हटाने में लगाया गया है।
AI तकनीक से अज्ञात शवों की पहचान का प्रयास
नेपाल में लापता लोगों और अज्ञात शवों की पहचान के लिए अब तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। भोटेकोशी नदी की बाढ़ के बाद FaceTagr AI तकनीक के जरिए तस्वीरों और वीडियो में मौजूद चेहरों का मिलान कर संभावित पहचान करने की कोशिश की जा रही है। बताया गया है कि सिस्टम हजारों रिकॉर्ड में से कुछ संभावित मैच सामने लाता है, जिन्हें परिवारों के सामने सत्यापन के लिए रखा जा सकता है। हालांकि अंतिम पहचान संबंधित सरकारी एजेंसियां और नेपाल पुलिस ही करती हैं। FaceTagr से जुड़े समीर पंथी के अनुसार करीब 500 लापता लोगों का पंजीकरण किया गया है और सिस्टम ने लगभग 90 शवों की पहचान में मदद की है। यह आंकड़ा नेपाल पुलिस के आधिकारिक पहचान आंकड़ों से अलग है।

भारत ने 54 विशेषज्ञ भी भेजे
राहत सामग्री के साथ भारत ने नेपाल में 54 विशेषज्ञों को भी भेजा है। इनमें टनल रेस्क्यू और फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल हैं। विशेष रेस्क्यू टीम नेपाली सेना के साथ चिलिमे और लांगटांग क्षेत्र में अभियान चला रही है। वहीं फोरेंसिक विशेषज्ञ काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में DNA जांच में सहयोग कर रहे हैं। भारत की ओर से DNA किट, रिऐजेंट और प्रोफाइलिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इस तरह राहत सामग्री के साथ तकनीकी विशेषज्ञता और वैज्ञानिक संसाधनों की मदद से नेपाल में चल रहे बचाव एवं पहचान अभियान को गति देने की कोशिश की जा रही है।
