Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
FAS Report on India Nuclear Weapons: भारत के परमाणु जखीरे को लेकर अमेरिकी थिंक टैंक Federation of American Scientists (FAS) का नया अनुमान सामने आया है। FAS की 2026 की ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियारों का कुल भंडार है। हालांकि, यह आंकड़ा आधिकारिक भारतीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सूचनाओं और विशेषज्ञों के विश्लेषण पर आधारित अनुमान है।
190 परमाणु हथियारों का अनुमान
FAS के 2026 के आंकड़ों में भारत के लिए करीब 190 परमाणु हथियारों का कुल इन्वेंटरी अनुमान दिया गया है। इनमें लगभग 178 हथियार reserve/nondeployed श्रेणी में बताए गए हैं। FAS का कहना है कि भारत के परमाणु हथियारों की संख्या का अनुमान लगाना काफी कठिन है, क्योंकि भारत सरकार या पश्चिमी सरकारें इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं करती हैं। FAS के मुताबिक भारत के लगभग सभी परमाणु हथियार केंद्रीय भंडारण में रखे होने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ हथियारों को मिसाइलों के साथ जोड़कर रखने की संभावना हो सकती है और समुद्र में तैनात परमाणु पनडुब्बी से जुड़े हथियारों की स्थिति भी सीमित हो सकती है।
प्लूटोनियम क्षमता पर भी नजर
FAS की 2024 की भारत-केंद्रित Nuclear Notebook रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि भारत ने 130 से 210 परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त सैन्य-ग्रेड प्लूटोनियम तैयार किया हो सकता है, जबकि उस समय असेंबल किए गए हथियारों की संख्या करीब 172 आंकी गई थी। रिपोर्ट ने भारत के बढ़ते परमाणु आधुनिकीकरण और नए हथियार सिस्टम तथा डिलीवरी प्लेटफॉर्म के विकास का भी उल्लेख किया था।
भारत की परमाणु क्षमता का हो रहा आधुनिकीकरण
FAS के आकलन के अनुसार भारत जमीन, हवा और समुद्र—तीनों माध्यमों से परमाणु क्षमता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें नई मिसाइल प्रणालियों, परमाणु-सक्षम प्लेटफॉर्म और समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का विकास शामिल है। 2024 की FAS रिपोर्ट में कम से कम चार नए हथियार सिस्टम और कई नए डिलीवरी प्लेटफॉर्म के विकास का उल्लेख किया गया था।
चीन-पाकिस्तान के बीच रणनीतिक संतुलन अहम
भारत के परमाणु आधुनिकीकरण को समझने में चीन और पाकिस्तान दोनों महत्वपूर्ण कारक हैं। FAS के अनुसार भारत अपनी परमाणु क्षमता और डिलीवरी सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं 2026 के वैश्विक आकलन में चीन और भारत समेत कई परमाणु हथियार संपन्न देशों के स्टॉकपाइल में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति का उल्लेख किया गया है।
आंकड़ों को लेकर सबसे अहम बात
FAS के ये आंकड़े अनुमान हैं, आधिकारिक सरकारी आंकड़े नहीं। परमाणु हथियारों की वास्तविक संख्या आम तौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती। इसलिए 190 का आंकड़ा निश्चित संख्या के बजाय उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं पर आधारित एक विशेषज्ञ अनुमान के रूप में देखा जाना चाहिए। FAS खुद भारत के परमाणु हथियारों की संख्या के अनुमान में काफी अनिश्चितता की बात कहता है।
