Anmol Sandesh News Desk Update,मनीला
फिलीपींस में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। भूकंप और उसके बाद आए सुनामी प्रभाव में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, पुलों में दरारें आई हैं और कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। इसका केंद्र मिंडानाओ द्वीप के निकट समुद्र में था। भूकंप सारंगानी प्रांत के मासीम कस्बे से लगभग 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और 33 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। अधिकारियों ने इसे वर्ष 2026 में फिलीपींस का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है।

सुनामी की लहरों से तटीय इलाकों में दहशत
भूकंप के बाद समुद्र में हलचल बढ़ने से सुनामी की लहरें भी उठीं। अधिकारियों के मुताबिक सबसे ऊंची लहर 1.4 मीटर (करीब 4.6 फीट) दर्ज की गई। एहतियात के तौर पर इंडोनेशिया, मलेशिया और जापान के कुछ तटीय क्षेत्रों में सुनामी चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।

दो घंटे में 138 आफ्टरशॉक
फिलीपींस के ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान (PHIVOLCS) के अनुसार सुबह 11 बजे तक 138 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। इन झटकों की तीव्रता 1.3 से 6.7 के बीच रही। विशेषज्ञों का कहना है कि आफ्टरशॉक कई दिनों तक जारी रह सकते हैं और पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के लिए अतिरिक्त खतरा पैदा कर सकते हैं।
जनरल सैंटोस शहर में सबसे ज्यादा नुकसान
करीब सात लाख आबादी वाले बंदरगाह शहर जनरल सैंटोस में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली। कई इमारतों में दरारें आ गईं, कुछ छोटे भवन आंशिक रूप से ढह गए और एक पुल को भी नुकसान पहुंचा।क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अनुसार केवल जनरल सैंटोस में ही 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि लगभग 130 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि शहर में कम से कम 7 लोग अभी भी लापता हैं।दक्षिण कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बालुत द्वीप समेत अन्य दक्षिणी क्षेत्रों में भी जनहानि हुई है। कई लोग गिरते मलबे, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त इमारतों की चपेट में आ गए।
स्कूल भवन गिरने की सूचना, बचाव अभियान जारी
जनरल सैंटोस में एक दो मंजिला स्कूल भवन के गिरने की सूचना के बाद राहत दलों को मौके पर भेजा गया। आशंका जताई गई कि कुछ छात्र मलबे में फंसे हो सकते हैं। सोमवार को गर्मी की छुट्टियों के बाद सरकारी स्कूल खुलने का पहला दिन था। अधिकारियों के अनुसार ध्वजारोहण समारोह के दौरान 100 से अधिक छात्रों को हल्की चोटें आईं, जबकि कई बच्चे डर और घबराहट के कारण बेहोश हो गए।

राष्ट्रपति ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
फिलीपींस के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. ने सभी सरकारी एजेंसियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके
भूकंप का असर फिलीपींस से बाहर भी महसूस किया गया। इंडोनेशिया के उत्तर सुलावेसी और उत्तर मलुकु क्षेत्रों में तेज झटके महसूस किए गए। वहीं जापान, मलेशिया और गुआम के लिए भी एहतियाती चेतावनियां जारी की गईं। हालांकि अमेरिका और कनाडा के प्रशांत तटीय क्षेत्रों के लिए किसी सुनामी खतरे की पुष्टि नहीं हुई है।
‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है फिलीपींस
फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित हैं, जिसे दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर शक्तिशाली भूकंप और ज्वालामुखीय विस्फोट होते रहते हैं।गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप में 69 लोगों की जान गई थी और करीब 150 लोग घायल हुए थे। ताजा भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।
