Anmol Sandesh News Desk, लखनऊ
UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ समाजवादी नेता, पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष और आठ बार के विधायक राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन के बाद उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें अस्पताल में भर्ती राम गोविंद चौधरी चुनाव जीतने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की बात कहते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ समय पहले जब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव अस्पताल में राम गोविंद चौधरी से मिलने पहुंचे थे, उसी दौरान चौधरी ने पार्टी के नेताओं से चुनाव जीतने और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई थी। उनके निधन के बाद सामने आए इस वीडियो को उनके राजनीतिक जीवन और समाजवादी विचारधारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
8 बार विधायक, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे
राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक चला। बलिया से आने वाले चौधरी ने छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बाद में उत्तर प्रदेश की विधानसभा में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह कुल आठ बार विधायक चुने गए। वर्ष 2017 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली और वह 2022 तक इस पद पर रहे। विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार, नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उनके कार्यकाल की शुरुआत 27 मार्च 2017 से हुई थी। उनके नाम से विधानसभा में बड़ी संख्या में प्रश्न और चर्चाएं भी दर्ज हैं।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ था सफर
राम गोविंद चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। बलिया के मुरली मनोहर टाउन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान वह छात्रसंघ की राजनीति से जुड़े और बाद में कॉलेज के पदाधिकारी भी बने। आपातकाल के दौर में वह जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े। आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और वह करीब दो साल तक जेल में रहे। उनके राजनीतिक जीवन में समाजवादी आंदोलन और जेपी आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
1977 में पहली बार बने विधायक
राम गोविंद चौधरी ने 1977 में चिलकहर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीता। इसके बाद 1980, 1985, 1989 और 1991 में भी विधानसभा पहुंचे। बाद के वर्षों में उन्होंने बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और यहां से भी कई बार निर्वाचित हुए। कुल मिलाकर उनके नाम आठ विधानसभा कार्यकाल दर्ज हैं।
मुलायम सिंह यादव की सरकार में संभाली मंत्री पद की जिम्मेदारी
राम गोविंद चौधरी समाजवादी पार्टी के संस्थापक नेताओं में रहे मुलायम सिंह यादव के साथ भी लंबे समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में काम किया। बाद में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार में भी उन्हें महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली। अखिलेश यादव सरकार के दौरान उनके पास बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार और समाज कल्याण जैसे विभागों की जिम्मेदारी रही। वह पार्टी और विधानसभा दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
2017 में बने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के बाद समाजवादी पार्टी ने राम गोविंद चौधरी को विधानसभा में विपक्ष का नेतृत्व सौंपा। वह 2017 से 2022 तक नेता प्रतिपक्ष रहे। इस दौरान विधानसभा में उन्होंने विपक्ष की ओर से सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।
2022 में बांसडीह से चुनाव हार गए थे
लंबे समय तक विधानसभा की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में राम गोविंद चौधरी को बांसडीह सीट से हार का सामना करना पड़ा। भाजपा-निषाद पार्टी गठबंधन की प्रत्याशी केतकी सिंह ने उन्हें चुनाव में हराया। इसके साथ ही विधानसभा में उनका लंबा चुनावी सफर समाप्त हुआ।
निधन पर अखिलेश यादव ने जताया दुख
राम गोविंद चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी का वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष बताते हुए श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर दुख जताया। राम गोविंद चौधरी के निधन के बाद सामने आया उनका अस्पताल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में चुनाव और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने की उनकी इच्छा का जिक्र है, जिसे उनके समर्थक उनके राजनीतिक जीवन की अंतिम इच्छाओं में से एक के तौर पर देख रहे हैं।
