Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
सावन का पहला सोमवार पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और आस्था के उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 3 अगस्त 2026 को सुबह से ही देशभर के प्रमुख शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर से लेकर काशी विश्वनाथ धाम, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, पुरी के लोकनाथ मंदिर और अन्य शिव मंदिरों में भक्त भगवान शिव के जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारों में नजर आए।

महाकाल की नगरी में उमड़ा आस्था का सैलाब
उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बाबा महाकाल का विशेष अभिषेक और पूजन संपन्न हुआ, जिसमें हजारों भक्त शामिल हुए। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा।
काशी विश्वनाथ में मंगला आरती के लिए उमड़ी भीड़
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने सुबह की मंगला आरती में भाग लिया। भगवान विश्वेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए तड़के से ही लंबी कतारें लग गईं। सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं।
सोमनाथ से पुरी तक शिवभक्ति का उत्सव
गुजरात के सोमनाथ ज्योतिर्लिंग और ओडिशा के लोकनाथ मंदिर, पुरी सहित देश के अनेक शिवालयों में भी श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला। कई स्थानों पर कांवड़िए पवित्र नदियों का जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करते नजर आए।
क्यों विशेष है सावन का महीना?
सनातन परंपरा के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए सावन माह में कठोर तपस्या की थी। इसी कारण यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान से शिव पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।सावन के पहले सोमवार पर देशभर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिरों में गूंजते “हर-हर महादेव” के जयघोष और शिवभक्तों की अटूट आस्था ने पूरे देश को भक्तिमय बना दिया।
