Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली/मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिला है। पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बीच उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने बगावत करते हुए खुद को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ बताने का फैसला किया है।सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र सौंपकर शिंदे गुट की शिवसेना को अपना नेता मानने और उसमें विलय की इच्छा जताई है।
इन सांसदों ने छोड़ा उद्धव का साथ
बगावत करने वाले सांसदों में Sanjay Jadhav, Sanjay Deshmukh, Nagesh Patil Ashtikar, Omraje Nimbalkar, Bhausaheb Wakchaure और Sanjay Dina Patil का नाम शामिल बताया जा रहा है।इस घटनाक्रम के बाद शिवसेना (UBT) के पास लोकसभा में केवल तीन सांसद शेष रह गए हैं। चार साल के भीतर यह दूसरी बार है जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिली है।
सांसदों को मनाने में जुटे उद्धव
जानकारी के अनुसार, Uddhav Thackeray और पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार सांसदों से संपर्क साधने और उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में 18 जून को दिल्ली में सांसदों की बैठक भी बुलाई गई है। अब सभी की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं।वहीं पार्टी सांसद Sanjay Raut ने कहा कि संबंधित सांसदों ने पहले पार्टी नेतृत्व का साथ नहीं छोड़ने का भरोसा दिलाया था, लेकिन अब उनका रुख बदल गया है।
2022 में भी हुआ था बड़ा विभाजन
गौरतलब है कि जून 2022 में Eknath Shinde के नेतृत्व में 39 विधायक शिवसेना से अलग हो गए थे। उस बगावत के बाद उद्धव ठाकरे की सरकार गिर गई थी और बाद में शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और धनुष-बाण चुनाव चिन्ह भी मिला था।अब लोकसभा सांसदों की इस नई बगावत ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर आने वाले चुनावों और राज्य की राजनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है।
