Anmol Sandesh News Desk,गंगटोक
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग टनल में सोमवार को हुए भीषण लैंडस्लाइड ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। सुरंग का प्रवेश द्वार मलबे से पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 17 मजदूर अब भी सुरंग के भीतर फंसे होने की आशंका है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, मामरिंग स्थित समरदुंग सुरंग में निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक हुए भारी भूस्खलन के कारण सुरंग का एंट्री गेट मलबे से बंद हो गया और अंदर मौजूद मजदूर बाहर नहीं निकल सके।पुलिस के अनुसार, सुरंग में फंसे मजदूरों की संख्या 27 के आसपास है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि अंतिम संख्या में बदलाव संभव है।
मीथेन गैस ने बढ़ाई मुश्किलें
रेस्क्यू अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरंग में मीथेन गैस रिसाव की आशंका है। जहरीली गैस के कारण कई बचावकर्मियों को सुरंग के अंदर जाते समय चक्कर आए, जबकि कुछ बेहोश भी हो गए, जिससे राहत अभियान की रफ्तार प्रभावित हुई।

युद्धस्तर पर बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। गैस रिसाव के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल से गैस-रोधी उपकरणों से लैस विशेष रेस्क्यू टीम भी बुलाई गई है।रेस्क्यू टीम गैस मास्क और विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद से सुरंग के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। मौके पर कई एम्बुलेंस और मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं।
कौन-सा प्रोजेक्ट है?
यह सुरंग NHPC की तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका निर्माण पटेल इंजीनियरिंग कंपनी कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फंसे मजदूरों में 21 पटेल इंजीनियरिंग और 6 NHPC से जुड़े कर्मचारी बताए जा रहे हैं।

प्रशासन की अपील
प्रशासन ने कहा है कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। गैस रिसाव और मलबे की स्थिति को देखते हुए पूरी सावधानी के साथ ऑपरेशन चलाया जा रहा है।पूरे देश की निगाहें अब रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और सभी 17 फंसे मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद की जा रही है।
