Anmol Sandesh News Desk, चेन्नई
Tamil Nadu Airport Project: तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने का ऐलान कर दिया। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा विधानसभा में की। यह वही परियोजना है, जिसका स्थानीय किसान और ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
विधानसभा में CM विजय का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि सरकार परंदूर में नया एयरपोर्ट बनाने की प्रक्रिया को वापस ले रही है। उन्होंने विरोध कर रहे लोगों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे प्रस्तावित एयरपोर्ट के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों के साथ खड़े हैं। सरकार का कहना है कि परंदूर परियोजना से कृषि भूमि और स्थानीय लोगों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका थी। इसी वजह से अब ऐसी वैकल्पिक जगह तलाशने की बात कही गई है, जहां सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव कम हो।
किसानों का लंबे समय से था विरोध
परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट को लेकर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का लंबे समय से विरोध चल रहा था। उनका मुख्य मुद्दा कृषि भूमि और विस्थापन था। विजय की पार्टी ने चुनाव से पहले भी इस परियोजना का विरोध किया था और सत्ता में आने पर इसे रोकने का वादा किया था। अब मुख्यमंत्री के ऐलान को उसी चुनावी वादे को पूरा करने के तौर पर देखा जा रहा है।
अब कहां बनेगा चेन्नई का दूसरा एयरपोर्ट?
परंदूर प्रोजेक्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया है कि वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही है और तकनीकी व्यवहार्यता का अध्ययन करने के बाद नई जगह को अंतिम रूप दिया जाएगा।साथ ही, मौजूदा मीनंबक्कम एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक चेन्नई एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल विकसित करने की योजना भी सामने आई है।
विपक्ष ने फैसले पर उठाए सवाल
परंदूर एयरपोर्ट रद्द करने के फैसले पर विपक्षी DMK ने सरकार को घेरा है। पूर्व मंत्री और DMK विधायक थंगम थेन्नारासु ने दावा किया कि इस फैसले से तमिलनाडु के औद्योगिक और आर्थिक विकास पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि श्रीपेरंबुदूर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कंपनियां हैं और चेन्नई के लिए दूसरा एयरपोर्ट जरूरी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि परियोजना रद्द होने से कुछ उद्योग पड़ोसी राज्यों की ओर रुख कर सकते हैं।
सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष—अब नई बहस
एक तरफ सरकार का तर्क है कि विकास के साथ किसानों, कृषि भूमि और स्थानीय लोगों के हितों का ध्यान रखना जरूरी है। दूसरी तरफ विपक्ष इसे राज्य के औद्योगिक विकास और भविष्य की एयर कनेक्टिविटी से जोड़कर देख रहा है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए नई जगह कौन-सी होगी और नई परियोजना कितनी जल्दी जमीन पर उतरेगी?
बड़ी खबर
CM विजय ने परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर लगाया ब्रेक, किसानों के विरोध के बीच विधानसभा में रद्द करने का ऐलान। अब चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए नए स्थान की तलाश होगी।
