Wednesday, July 22, 2026
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MP विधानसभा में हंगामे के बीच UCC बिल पास,शादी, तलाक, लिव-इन और उत्तराधिकार के नियमों में होंगे बड़े बदलाव !

Anmol Sandesh News Desk,भोपाल

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक पारित कर दिया गया। बिल पर चर्चा के दौरान सदन में जोरदार नारेबाजी हुई और कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी, लेकिन अंततः विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधेयक को पारित घोषित कर दिया।

UCC बिल में क्या-क्या बड़े बदलाव होंगे?

सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

जनजातीय समुदायों (अनुसूचित जनजातियों) को छोड़कर सभी धर्मों के लोगों के लिए शादी और तलाक का पंजीकरण अनिवार्य होगा।

बहुविवाह पर रोक

बिल में बहुविवाह (एक से अधिक विवाह) पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है।

तीन तलाक और निकाह हलाला पर सख्ती

विधेयक में तीन तलाक और निकाह हलाला को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। निर्धारित समय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर तीन महीने तक की जेल का प्रावधान रखा गया है।

बच्चों को समान अधिकार

बिल के अनुसार—

  • जैविक (Biological)
  • गोद लिए गए (Adopted)
  • सरोगेसी
  • सहायक प्रजनन तकनीक (ART)

से जन्मे सभी बच्चों को समान कानूनी और उत्तराधिकार अधिकार मिलेंगे।

महिला साथी को मिलेगा कानूनी संरक्षण

यदि लिव-इन रिलेशनशिप में पुरुष साथी महिला को छोड़ देता है, तो महिला अदालत से भरण-पोषण (Maintenance) की मांग कर सकेगी।

अनुसूचित जनजातियां रहेंगी बाहर

प्रस्तावित कानून के दायरे से अनुसूचित जनजातियों (ST) को बाहर रखा गया है।

सदन में क्यों हुआ हंगामा?

बिल पेश होते ही कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध किया और इसे सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की। विपक्षी सदस्य वेल में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले 10 मिनट और फिर 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

CM मोहन यादव ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC को मध्यप्रदेश के 8.5 करोड़ लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करेगा और एक देश, एक संविधान” की भावना को आगे बढ़ाएगा।उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है।

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के रोजगार, पेपर लीक और महंगाई जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए UCC ला रही है।वहीं कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि बिल को असंवैधानिक तरीके से पारित किया गया है। उन्होंने इसे अदालत में चुनौती देने की बात कही और कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

अब आगे क्या होगा?

विधानसभा से पारित होने के बाद विधेयक आगे की संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरेगा। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने और अधिसूचना जारी होने के बाद कानून लागू होगा।

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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