Anmol Sandesh News Desk, लखनऊ
UP Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब उत्तर प्रदेश कांग्रेस को लेकर भी नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। हालांकि, अजय राय ने खुद इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और वह राहुल गांधी के सिपाही हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में संभावित बदलाव को लेकर पिछले कई हफ्तों से चर्चा चल रही है। कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बीच संगठनात्मक कामकाज और चुनावी रणनीति को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं। सितंबर में सामने आई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि मामला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। हालांकि, इन मतभेदों को लेकर सार्वजनिक रूप से दोनों नेताओं की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
अजय राय ने इस्तीफे की खबरों पर क्या कहा?
इस्तीफे की चर्चाओं के बीच अजय राय का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और वह राहुल गांधी के सिपाही हैं। उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखने की बात भी कही। उनके बयान के बाद फिलहाल इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर विराम जरूर लगा है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस में संभावित संगठनात्मक बदलाव की चर्चा बनी हुई है। यहां एक जरूरी बात यह भी है कि अजय राय और अजय कुमार लल्लू अलग-अलग नेता हैं। कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर अजय राय को वर्तमान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बताया गया है। अजय कुमार लल्लू इससे पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और जून 2026 में राजेंद्र पाल गौतम को यूपी का AICC प्रभारी बनाए जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी बदली थी।
राजेंद्र पाल गौतम के साथ मतभेद की चर्चा क्यों?
जून 2026 में कांग्रेस ने राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का AICC प्रभारी नियुक्त किया था। इसके बाद संगठन को मजबूत करने और 2027 चुनाव की तैयारी को लेकर उनकी सक्रियता बढ़ी। इसी दौरान अजय राय और गौतम के काम करने के तरीकों में अंतर और आपसी समन्वय को लेकर मीडिया रिपोर्टें सामने आईं। सितंबर में एक प्रदेश स्तरीय बैठक के दौरान अजय राय की अनुपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे थे। बाद की रिपोर्टों में कहा गया कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर विचार-विमर्श हुआ। हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अजय राय को हटाने या उनके स्थान पर किसी नए प्रदेश अध्यक्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। 1 अक्टूबर को राजेंद्र पाल गौतम ने भी कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव से जुड़ा फैसला कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का विषय है।
आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम क्यों चर्चा में?
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच रामपुर खास से विधायक और यूपी कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम भी चर्चा में आया है। 2 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में उनके नाम पर विचार हुआ था और सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि इस नाम पर कुछ हद तक सहमति भी बनी थी। हालांकि बाद में केंद्रीय नेतृत्व ने फैसला टाल दिया और संगठन को चुनावी तैयारियों पर काम जारी रखने को कहा। इसलिए फिलहाल आराधना मिश्रा को नया प्रदेश अध्यक्ष मान लेना जल्दबाजी होगी। कांग्रेस की ओर से उनके नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तीन कार्यकारी अध्यक्षों की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों में प्रदेश अध्यक्ष के साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना की भी चर्चा है। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर संगठनात्मक संतुलन बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह भी अभी चर्चा और सूत्रों पर आधारित जानकारी है, कांग्रेस की आधिकारिक घोषणा नहीं।
पंजाब से यूपी तक क्यों जुड़ रही कड़ियां?
पंजाब कांग्रेस में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सितंबर के अंत में प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया था और इसके बाद वड़िंग ने अपना इस्तीफा सौंपा। नए अध्यक्ष के लिए कई नामों पर चर्चा चल रही है। इसी घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश में भी अजय राय को लेकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हुईं। दोनों राज्यों में 2027 की विधानसभा चुनावी तैयारियां चल रही हैं, इसलिए कांग्रेस संगठन में संभावित बदलावों को लेकर राजनीतिक चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, पंजाब में इस्तीफा आधिकारिक रूप से हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश में अजय राय ने इस्तीफे की खबर से खुद इनकार किया है।
यूपी कांग्रेस के सामने 2027 की बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। कांग्रेस इस समय संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक पार्टी का विस्तार करने और चुनावी रणनीति तैयार करने पर काम कर रही है। समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी राजनीतिक चर्चा जारी है। हाल के दिनों में अजय राय और राजेंद्र पाल गौतम दोनों ही पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आए हैं। 25 सितंबर को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर लखनऊ में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान दोनों नेता साथ मौजूद थे। इससे यह भी स्पष्ट है कि संगठनात्मक स्तर पर मतभेद की खबरों के बावजूद दोनों की सार्वजनिक राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।
अभी तस्वीर क्या है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अजय राय ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और कांग्रेस ने उनके इस्तीफे या हटाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दूसरी ओर, हाईकमान के स्तर पर संगठन और नेतृत्व में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। आराधना मिश्रा ‘मोना’ का नाम भी संभावित विकल्प के तौर पर रिपोर्टों में आया है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व को करना है।
