Anmol Sandesh News Desk, मथुरा
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब घटना से ठीक पहले का 33 सेकंड का एक और CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में दीपक छत पर कुछ देर बैठे दिखाई देते हैं और करीब 11 सेकंड बाद अचानक उठकर नीचे छलांग लगाते नजर आते हैं। उसी समय एक अन्य साधक सीढ़ियों से छत की ओर आता दिख रहा है, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही दीपक नीचे कूद जाते हैं। यह घटना 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे वृंदावन के वराह घाट इलाके में स्थित गऊ कृपा कुंज में हुई थी। दीपक चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू की।
दूसरे CCTV ने खड़े किए नए सवाल
नए CCTV फुटेज में दीपक छत पर बैठे नजर आते हैं। करीब 11 सेकंड तक वह वहीं बैठे रहते हैं। इसके बाद अचानक उठते हैं और छत से नीचे गिर जाते हैं। फुटेज में एक अन्य व्यक्ति को सीढ़ियों से ऊपर आते हुए भी देखा जा सकता है। पुलिस की जांच का एक अहम सवाल यह है कि दीपक के छत पर पहुंचने के बाद इन कुछ मिनटों में आखिर क्या हुआ? उपलब्ध CCTV केवल घटनाक्रम का एक हिस्सा दिखाता है; इससे घटना के पीछे की वजह अपने आप स्पष्ट नहीं होती। पुलिस दूसरे कैमरों की फुटेज और आश्रम में मौजूद लोगों से पूछताछ के जरिए पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस जांच में कई पहलू शामिल
शुरुआती स्तर पर पुलिस ने घटना को आत्महत्या की आशंका से जोड़कर जांच शुरू की थी, लेकिन अब अधिकारियों की जांच का दायरा व्यापक है। पुलिस यह भी देख रही है कि मौत से पहले दीपक के साथ क्या हुआ था और शरीर पर मिली चोटों की परिस्थितियां क्या थीं। जांच के दौरान दीपक के कमरे से मोबाइल, डायरी और एक ग्राइंडर समेत अन्य साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। इन चीजों की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों से भी पूछताछ कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी उठे सवाल
2 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दीपक के शरीर पर कई चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट में एक गंभीर घाव पर पांच टांके लगे होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह उपचार कब और किसने किया था। पुलिस के सामने एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कमरे से मिले साक्ष्यों और बाद में हुई मौत के बीच क्या संबंध है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध सभी सबूतों की जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
परिवार की शिकायत भी जांच का हिस्सा
दीपक के परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि परिवार की शिकायत को भी जांच में शामिल किया गया है। इस मामले में कुछ लोगों की ओर से स्वतंत्र जांच की मांग भी उठी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करने की बात कही है।
आश्रम की व्यवस्थाओं में भी बदलाव
दीपक की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम की व्यवस्थाओं में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। 1 अक्टूबर से दीक्षा संबंधी कुछ कार्यक्रम और संत से निर्धारित व्यक्तिगत मुलाकातें अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा की गई। बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर भी प्रतिबंध लगाए जाने की खबर है।
अभी भी सबसे बड़ा सवाल- दीपक ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
नए CCTV से इतना जरूर स्पष्ट होता है कि दीपक कुछ समय तक छत पर बैठे थे और फिर अचानक वहां से नीचे गिरे। लेकिन उन्होंने ऐसा क्यों किया, उससे पहले उनके साथ क्या हुआ और क्या यह आत्महत्या थी या घटना के पीछे कोई दूसरा कारण था, इसका अंतिम जवाब अभी पुलिस जांच से ही सामने आएगा।
