Anmol Sandesh News Desk, तेहरान
मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर अब खतरे में नजर आ रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद उसने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई। हमलों में कथित तौर पर ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, तटीय रडार साइट्स, एंटी-शिप मिसाइल ठिकानों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कई छोटी नौकाओं को निशाना बनाया गया।
होर्मुज में जहाजों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका का कहना है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया था।
इन जहाजों में शामिल बताए जा रहे हैं:
- M/T अल रेकय्यात — मार्शल आइलैंड्स का झंडा
- M/T वेद्यान — सऊदी अरब का झंडा
- M/T साइप्रस प्रॉस्पेरिटी — लाइबेरिया का झंडा
अमेरिका ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही के लिए खतरा बताया।

ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।विशेषज्ञों की नजर अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। यहां किसी भी बड़े संघर्ष का असर वैश्विक तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है।फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
