Anmol Sandesh News Desk,वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य टकराव को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब समाप्त हो चुका है और दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हो गया है। हालांकि, ट्रंप के इस दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है।गुरुवार को व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक “बेहतरीन समझौता” किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सप्ताहांत यूरोप में इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं।
ट्रंप का दावा- खुल जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि समझौता लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खोल दिया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमत हो गया है।दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले ट्रंप ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर हमले को रोकने का आदेश दे दिया।
तेहरान का जवाब- अभी कोई डील नहीं हुई
ट्रंप के बयान के कुछ ही समय बाद ईरान ने उनके दावों का खंडन कर दिया। तेहरान की ओर से कहा गया कि जब तक ईरान की सरकार आधिकारिक तौर पर किसी समझौते की घोषणा नहीं करती, तब तक ऐसे दावों को सही नहीं माना जा सकता।ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्ताव अभी भी समीक्षा के चरण में है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा जारी है। ऐसे में किसी अंतिम समझौते की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी।
पहले भी कई बार कर चुके हैं दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इससे पहले भी कई बार युद्ध समाप्त होने या बड़े समझौतों की घोषणा कर चुके हैं। आलोचकों का कहना है कि उनके कई दावे बाद में सही साबित नहीं हुए, जिसके कारण इस बार किए गए दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं।
दुनिया की नजरें अगले कदम पर
अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित समझौते का असर केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, मध्य पूर्व की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की ओर से क्या आधिकारिक घोषणा की जाती है।
