Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
Weather Update: उत्तर भारत में मानसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है। बारिश थमने के बाद भी नदियों के जलस्तर में उफान के कारण निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है। उत्तर प्रदेश में गंगा, शारदा, घाघरा समेत कई नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं, जबकि बिहार में नेपाल से आए पानी और तटबंधों के टूटने से छह जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दूसरी ओर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 2 अक्टूबर 2026 के अपडेट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में फिलहाल अगले सात दिनों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। बिहार में भी 2 से 5 अक्टूबर तक कोई चेतावनी नहीं है, जबकि 6 से 8 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6-7 अक्टूबर के आसपास मौसम सक्रिय हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में बारिश थमी, लेकिन बाढ़ का संकट बरकरार
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं, लेकिन नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण हालात सामान्य नहीं हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक गंगा, शारदा, घाघरा सहित करीब 15 नदियां खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में पहुंच गया है। खेतों में खड़ी धान की फसल डूबने से किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हैं और घरों-दुकानों तक पानी पहुंचने की खबर है। लखनऊ के निचले इलाकों में भी जलभराव ने परेशानी बढ़ाई है। वहीं बाराबंकी में कई स्थानों पर स्कूलों और मंदिरों तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
गोंडा में घाघरा खतरे के निशान से ऊपर
गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से करीब 26 सेंटीमीटर ऊपर बहने की बात सामने आई है। बाढ़ के पानी ने करीब 30 गांवों को टापू जैसी स्थिति में पहुंचा दिया है और 25 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई जगहों पर आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ में डूबने की घटनाओं में दो बच्चों की मौत की भी खबर है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में जलस्तर और कटान को लेकर भी प्रशासन की निगरानी जारी है। कुशीनगर में नदी के कटाव से घरों और झोपड़ियों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि बाढ़ का पानी बने रहने के बावजूद IMD ने 2 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। यानी मौजूदा बाढ़ का बड़ा कारण पहले हुई बारिश और नदियों में पहुंचा अतिरिक्त पानी है, न कि आज की किसी व्यापक भारी बारिश की चेतावनी।
बिहार के 6 जिलों में बाढ़, 3.65 लाख लोग प्रभावित
बिहार में स्थिति और गंभीर बनी हुई है। नेपाल से आए पानी और अलग-अलग इलाकों में तटबंधों के टूटने से छह जिलों के गांवों और दियारा क्षेत्रों में पानी फैल गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार 253 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा है और करीब 3.65 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 44 हजार लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत की भी सूचना है। प्रभावित जिलों में सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, वैशाली और भागलपुर शामिल हैं। अकेले सारण में बड़ी संख्या में गांवों के प्रभावित होने की जानकारी दी गई है। राहत और बचाव के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात हैं तथा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बारिश का अलर्ट नहीं, फिर भी उमस बढ़ाएगी परेशानी
बाढ़ के बीच मौसम की स्थिति कुछ अलग है। IMD ने बिहार के लिए 2 से 5 अक्टूबर तक कोई बारिश चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप निकलने की संभावना है। इससे दिन के समय तापमान बढ़ने और वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ने की आशंका है। 6 अक्टूबर के बाद गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि की संभावना बताई गई है। इसका मतलब है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी तुरंत खत्म होने की संभावना नहीं है, लेकिन फिलहाल नई भारी बारिश का तत्काल खतरा मौसम विभाग के चेतावनी बुलेटिन में नहीं दिख रहा है।
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई की ओर बढ़ा मौसम
मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधि कमजोर हो रही है। 2 अक्टूबर के IMD बुलेटिन में पश्चिम और पूर्वी दोनों मध्य प्रदेश के लिए 2 से 4 अक्टूबर तक कोई मौसम चेतावनी नहीं है। हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना दर्ज की गई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों में प्रदेश के बड़े हिस्से में धूप और शुष्क मौसम देखने को मिल सकता है, जबकि पूर्वी हिस्सों में स्थानीय स्तर पर मौसम बदलने की संभावना बनी रहेगी। मानसून की आधिकारिक वापसी IMD के तय मानदंडों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से घोषित की जाती है।
राजस्थान में गर्मी बढ़ने लगी
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद कई इलाकों में तापमान बढ़ा है। उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीकानेर क्षेत्र में दिन का तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की स्थिति सामने आई है। IMD के 2 अक्टूबर के उपखंडीय चेतावनी बुलेटिन में फिलहाल पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
हिमाचल में 6-7 अक्टूबर को मौसम फिर बदलेगा
हिमाचल प्रदेश में शुरुआती अक्टूबर में कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने के बाद 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं वाली गतिविधि की संभावना है। IMD ने इन दोनों दिनों के लिए राज्य में thunderstorm/lightning/squall की चेतावनी दर्ज की है। इससे मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। यात्रा करने वालों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड में भी 6 से 8 अक्टूबर के बीच गतिविधि
उत्तराखंड के लिए भी IMD ने 6, 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना दर्ज की है। जबकि 2 से 5 अक्टूबर तक कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। इससे साफ है कि राज्य में मानसून की वापसी के बावजूद अक्टूबर के पहले सप्ताह में पूरी तरह स्थिर मौसम नहीं रहेगा और कुछ दिनों में स्थानीय बारिश व आंधी-तूफान की गतिविधियां हो सकती हैं।
देश में मानसून की विदाई का दौर जारी
IMD के अनुसार मानसून की वापसी केवल बारिश रुकने से तय नहीं होती। इसके लिए लगातार शुष्क मौसम, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक परिसंचरण और वातावरण में नमी में कमी जैसे मानदंड देखे जाते हैं। यही वजह है कि एक तरफ उत्तर प्रदेश और बिहार में पहले से मौजूद बाढ़ का पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ मध्य भारत और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम तेजी से शुष्क और गर्म होने लगा है।
फिलहाल मौसम की बड़ी तस्वीर
उत्तर प्रदेश: बारिश का तत्काल अलर्ट नहीं, लेकिन नदियां उफान पर और बाढ़ प्रभावित इलाके।
बिहार: छह जिलों में बाढ़, 253 गांव और करीब 3.65 लाख लोग प्रभावित; 2 से 5 अक्टूबर तक कोई बारिश चेतावनी नहीं।
मध्य प्रदेश: फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क; पूर्वी हिस्सों में 5 अक्टूबर से गरज-चमक की संभावना।
राजस्थान: तापमान बढ़ रहा है, लेकिन 2 अक्टूबर के लिए कोई मौसम चेतावनी नहीं।
हिमाचल प्रदेश: 6-7 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना।
उत्तराखंड: 6-8 अक्टूबर के बीच गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधि संभव।
