Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में आयोजित ‘क़लम से मंच तक’ श्रृंखला के अंतर्गत रविन्द्र भवन में “यादें बशीर बद्र” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संवाद सत्र के साथ अखिल भारतीय मुशायरा भी संपन्न हुआ।”यादें बशीर बद्र” विषय पर आयोजित संवाद सत्र में प्रसिद्ध संगीतकार एवं फिल्म निर्देशक Vishal Bhardwaj, सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका Rekha Bhardwaj तथा डॉ. नुसरत मेहदी ने मशहूर शायर Bashir Badr से जुड़ी यादों, उनके व्यक्तित्व और शायरी के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। संवाद सत्र का संचालन सुश्री समीना अली सिद्दीकी ने किया।

विशाल भारद्वाज ने बशीर बद्र से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा कि कॉलेज के दिनों में उनके एक मशहूर शेर ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया था। उन्होंने बताया कि बशीर बद्र की ग़ज़लों ने उन्हें इतना आकर्षित किया कि उन्होंने उनके ग़ज़ल संग्रह को उधार लेकर पूरी रात जागकर अपनी डायरी में उतार लिया। वह डायरी आज भी उनके लिए एक अनमोल धरोहर है।
रेखा भारद्वाज ने कहा कि उनका परिचय बशीर बद्र से विशाल भारद्वाज के माध्यम से हुआ। कॉलेज के दिनों में विशाल अक्सर उनकी शायरी सुनाया करते थे। धीरे-धीरे उनके अशआर ने उन्हें भी प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि पहली मुलाकात में ही बशीर बद्र ने उन्हें अपनी बेटी जैसा स्नेह दिया, जो उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

संवाद सत्र के बाद आयोजित अखिल भारतीय मुशायरे की अध्यक्षता प्रख्यात शायर Waseem Barelvi ने की। मुशायरे में नदीम शाद (देवबंद), गौतम राजऋषि (मेरठ), पूजा भाटिया (मुंबई), हिना अब्बास (अलीगढ़), शाहनवाज़ अंसारी (इंदौर), ज्योति आज़ाद खत्री (ग्वालियर), चित्रांश खरे (भोपाल), फ़रहान मंज़र, नौमान ग़ाज़ी (भोपाल), सलमान सईद (दिल्ली) एवं यश शुक्ला (इंदौर) सहित देशभर से आए शायरों ने अपने-अपने कलाम पेश किए।
शायरों की प्रस्तुतियों और बशीर बद्र की यादों से सराबोर इस आयोजन ने साहित्य एवं शायरी प्रेमियों को भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान किया।
