Saturday, October 10, 2026
Homeअन्य राज्यGIS 2027 से पहले CM मोहन यादव का मुंबई दौरा, उद्योगपतियों से...

GIS 2027 से पहले CM मोहन यादव का मुंबई दौरा, उद्योगपतियों से वन-टू-वन मुलाकात; MP के इन 4 बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगा फोकस

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल

मध्य प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को मुंबई दौरे पर रहेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) से पहले मुख्यमंत्री का यह दौरा निवेश जुटाने की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुंबई में मुख्यमंत्री देश के प्रमुख उद्योगपतियों और कारोबारी समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन मुलाकात कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विकसित किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध निवेश अवसरों को देश के बड़े उद्योग समूहों तक पहुंचाना है। सरकार की कोशिश है कि उद्योगों की जरूरत और उनकी विस्तार योजनाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों को जोड़ा जाए, ताकि नए निवेश के साथ रोजगार और स्थानीय सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिल सके।

मुंबई के बड़े उद्योग समूहों से होगा सीधा संवाद

मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। यहां ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स और नई ऊर्जा तकनीकों से जुड़े कई बड़े उद्योग समूह मौजूद हैं। मुख्यमंत्री इन उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ व्यक्तिगत बैठक कर मध्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं को सामने रखेंगे। सरकार का फोकस ऐसे निवेश आकर्षित करने पर है, जिनसे प्रदेश में बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई, सहायक इकाइयों और स्थानीय सप्लाई नेटवर्क का भी विस्तार हो सके।

इन चार बड़े प्रोजेक्ट्स पर रहेगा खास फोकस

मुंबई में होने वाली चर्चाओं के दौरान मध्य प्रदेश के कई प्रमुख औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को निवेशकों के सामने रखा जाएगा। इनमें खास तौर पर चार परियोजनाएं प्रमुख रहेंगी।

1. ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन

ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार उपकरणों से जुड़े उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण निवेश अवसर के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। इससे टेलीकॉम उपकरण निर्माण के साथ संबंधित सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

2. नर्मदापुरम का रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट जोन

नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन को भी निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा। सरकार इस क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा से जुड़े उपकरणों के निर्माण और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है।

3. धार का पीएम मित्र पार्क

धार में विकसित हो रहा पीएम मित्रा पार्क टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। यहां कपड़ा निर्माण से लेकर गारमेंट और संबंधित गतिविधियों तक पूरी औद्योगिक वैल्यू चेन विकसित करने की संभावनाएं हैं। इससे रोजगार के साथ स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन को भी मजबूती मिल सकती है।

4. उज्जैन मेडिकल डिवाइसेज पार्क

उज्जैन में विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइसेज पार्क के जरिए मेडिकल उपकरण और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिश होगी। प्रदेश सरकार इसे मेडिकल डिवाइस सेक्टर में नए उद्योगों और निवेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत करेगी।

निवेश के साथ रोजगार पर भी जोर

मुख्यमंत्री के मुंबई दौरे में सिर्फ बड़े निवेश प्रस्तावों पर ही चर्चा नहीं होगी, बल्कि उनसे बनने वाले रोजगार और स्थानीय औद्योगिक इकोसिस्टम पर भी जोर रहेगा। सरकार की रणनीति है कि बड़े उद्योगों के साथ उनके लिए जरूरी सहायक इकाइयां भी मध्य प्रदेश में विकसित हों। इससे प्रदेश में प्रत्यक्ष रोजगार के साथ अप्रत्यक्ष रोजगार, स्थानीय कारोबार और सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग सेक्टर के लिए विकसित किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों को इसी उद्देश्य से निवेशकों के सामने रखा जा रहा है।

विदेशी निवेशकों तक पहुंच बनाने की भी तैयारी

मुख्यमंत्री के मुंबई दौरे के दौरान भारत स्थित विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद प्रस्तावित है। इसके जरिए मध्य प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाने और विदेशी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी विदेशी निवेशकों तक सीधे पहुंचे और उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार निवेश के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

GIS 2027 से पहले निवेश जुटाने की रणनीति

जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले मध्य प्रदेश सरकार देश-विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से लगातार संपर्क बढ़ा रही है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों में जाकर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया जा रहा है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular