Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव और बंगाल की खाड़ी से जुड़े मौसमी सिस्टम के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, भोपाल, जबलपुर समेत प्रदेश के 31 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं तेज बारिश तो कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
मौसम में इस बदलाव का असर खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में अधिक दिखाई देने की संभावना है। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने और कई स्थानों पर धूप निकलने का अनुमान है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
31 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट, जानिए किन इलाकों में होगी हलचल
मौसम विभाग के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 31 जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पूर्वी, मध्य और उत्तरी मध्य प्रदेश के कई जिले शामिल हैं।
यलो अलर्ट वाले जिले:
सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी।
इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति के अनुसार बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाती है।
29 अक्टूबर को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
- पन्ना
- सतना
- रीवा
- मैहर
- मऊगंज
- सीधी
- सिंगरौली
- शहडोल
- मंडला
- डिंडौरी
- अनूपपुर
- बालाघाट
इन जिलों में बारिश की तीव्रता बढ़ने पर निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। लोगों को विशेष रूप से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
यलो अलर्ट मौसम संबंधी संभावित खराब परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने का संकेत है, जबकि ऑरेंज अलर्ट अपेक्षाकृत अधिक गंभीर मौसम की आशंका और तैयारी की जरूरत को दर्शाता है।
भोपाल-जबलपुर समेत कई शहरों में बदलेगा मौसम
राजधानी भोपाल और जबलपुर सहित कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूप निकल सकती है। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर दिन और रात के तापमान पर भी पड़ सकता है। हालांकि, किस शहर में कितनी बारिश होगी और तापमान में कितना बदलाव आएगा, इसका सटीक अनुमान संबंधित शहर के ताजा मौसम बुलेटिन से ही लगाया जा सकता है।
गिरवर में 12.7 डिग्री तापमान, उज्जैन सबसे गर्म
प्रदेश में बारिश की संभावना के बीच न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भी अंतर देखने को मिल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश के सबसे ठंडे स्थानों में रहा।
अन्य स्थानों के न्यूनतम तापमान इस प्रकार बताए गए हैं:
- कल्याणपुर और पचमढ़ी:8 डिग्री सेल्सियस
- रायसेन:5 डिग्री सेल्सियस
- करौंदी, कटनी:7 डिग्री सेल्सियस
- दमोह: 15 डिग्री सेल्सियस
वहीं, उज्जैन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान और मौसम की स्थिति में अंतर बना हुआ है।
बारिश और आंधी के दौरान इन सावधानियों का रखें ध्यान
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- तेज बारिश के दौरान उफनती नदियों, नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें।
- आकाशीय बिजली चमकने पर खुले मैदान, खेत और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली के खंभों, तारों, कमजोर दीवारों और अस्थायी शेड से दूरी बनाए रखें।
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- किसान खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की जानकारी जरूर लें।
- मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अगले चार दिनों तक मौसम पर रहेगी नजर
मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों के दौरान मौसम की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना अधिक बताई जा रही है, जबकि पश्चिमी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। अलग-अलग जिलों में बारिश की स्थिति बदल सकती है, इसलिए लोगों को अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए।
