Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।
Dhanteras 2026 Vehicle Buying Muhurat: आज धनतेरस का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। दीपावली से पहले आने वाले इस विशेष त्योहार का हिंदू धर्म में बेहद खास महत्व है। धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और धन के देवता कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और नई वस्तुओं की खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। यही वजह है कि धनतेरस के मौके पर बाजारों से लेकर ज्वेलरी शोरूम और वाहन एजेंसियों तक रौनक देखने को मिलती है।
धनतेरस पर बड़ी संख्या में लोग अपने घर नई कार, बाइक और स्कूटी लाने की तैयारी करते हैं। कई परिवार इस दिन वाहन खरीदने को शुभ शुरुआत और समृद्धि का प्रतीक मानते हैं। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में खरीदी गई नई वस्तु घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली लेकर आती है।
अगर आप भी इस धनतेरस पर नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो शोरूम जाने से पहले शुभ चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त के बारे में जान लेना जरूरी है। साथ ही अपने शहर के राहुकाल का समय भी ध्यान में रखें।
धनतेरस 2026 पर कार-बाइक खरीदने के शुभ मुहूर्त
धार्मिक पंचांग के अनुसार, धनतेरस के दिन कई ऐसे शुभ समय बताए गए हैं, जिनमें नई कार, बाइक या स्कूटी की खरीदारी की जा सकती है। आप अपनी सुविधा और उपलब्ध समय के अनुसार इन मुहूर्तों में वाहन खरीदने की योजना बना सकते हैं।
वाहन खरीदारी के शुभ मुहूर्त:
- लाभ चौघड़िया: सुबह 7:54 बजे से 9:17 बजे तक।
- अमृत चौघड़िया: सुबह 9:16 बजे से 10:38 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:45 बजे तक।
- चर चौघड़िया: दोपहर 4:11 बजे से शाम 5:33 बजे तक।
- शुभ चौघड़िया: शाम 6:03 बजे से 7:19 बजे तक।
- लाभ मुहूर्त: रात 8:49 बजे से 10:27 बजे तक।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लाभ और अमृत चौघड़िया में खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं अभिजीत मुहूर्त को भी शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में वाहन खरीदने वाले लोग इन समयों को ध्यान में रखकर अपनी बुकिंग और डिलीवरी की योजना बना सकते हैं।
भोपाल से दिल्ली तक जानिए शहरवार राहुकाल का समय
धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त के साथ राहुकाल का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि राहुकाल का समय प्रत्येक शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतर के कारण अलग-अलग हो सकता है।
धनतेरस 2026 पर प्रमुख शहरों में राहुकाल:
| शहर | राहुकाल का समय |
| इंदौर | सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 बजे |
| भोपाल | सुबह 10:40 से दोपहर 12:04 बजे |
| दिल्ली | सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे |
| नोएडा | सुबह 10:42 से दोपहर 12:04 बजे |
| गुरुग्राम | सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे |
| मुंबई | सुबह 10:57 से दोपहर 12:22 बजे |
| चंडीगढ़ | सुबह 10:45 से दोपहर 12:06 बजे |
| लखनऊ | सुबह 10:27 से 11:50 बजे |
| कोलकाता | सुबह 9:56 से 11:20 बजे |
वाहन खरीदने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि कर लें। खासतौर पर वाहन की डिलीवरी, पूजा और घर में प्रवेश का समय तय करते समय स्थानीय मुहूर्त का ध्यान रखें।
धनतेरस पर क्या-क्या खरीदना माना जाता है शुभ?
धनतेरस का त्योहार केवल सोना-चांदी खरीदने तक सीमित नहीं है। इस दिन कई अन्य वस्तुओं की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुओं की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
धनतेरस पर खरीद सकते हैं ये शुभ वस्तुएं:
- सोना और चांदी: सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण और अन्य वस्तुओं की खरीदारी को मां लक्ष्मी की कृपा से जोड़कर देखा जाता है।
- पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन: धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना पुरानी और प्रचलित परंपरा है।
- लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति: दीपावली की पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा खरीदना शुभ माना जाता है।
- झाड़ू: धार्मिक मान्यता के अनुसार झाड़ू खरीदना घर से नकारात्मकता और दरिद्रता दूर करने का प्रतीक है।
- धनिया के बीज: धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदने और दीपावली पूजा में रखने की परंपरा है।
- गोमती चक्र और कौड़ी: इन्हें पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष महत्व दिया जाता है।
- दीये और पूजा सामग्री: दीपावली के लिए मिट्टी के दीये, बाती, घी और अन्य पूजन सामग्री खरीदना भी शुभ माना जाता है।
- नमक: कुछ परंपराओं में धनतेरस पर नमक खरीदना भी शुभ माना जाता है।
- नई कार और बाइक: अपनी जरूरत और बजट के अनुसार वाहन खरीदना भी इस दिन कई परिवारों की विशेष पसंद होती है।
बजट के अनुसार करें खरीदारी, नई वस्तुओं की जरूर करें पूजा
धनतेरस पर खरीदारी का अर्थ केवल महंगी वस्तुएं खरीदना नहीं है। आप अपनी आर्थिक क्षमता और जरूरत के अनुसार छोटी या बड़ी कोई भी नई वस्तु खरीद सकते हैं। जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति सोना-चांदी या महंगा वाहन ही खरीदे। अपनी जरूरत के हिसाब से बर्तन, दीये, पूजा सामग्री या अन्य उपयोगी सामान खरीदना भी शुभ माना जाता है।
नई वस्तु को घर लाने के बाद उसकी पूजा-अर्चना करने की परंपरा है। वहीं धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर का स्मरण किया जाता है।
धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी से करें दीपावली की शुरुआत
धनतेरस का पर्व नई शुरुआत, स्वास्थ्य, धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बाजारों में खरीदारी के साथ-साथ घरों में पूजा-पाठ और दीपदान की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। ऐसे में यदि आप भी कार, बाइक, स्कूटी, सोना-चांदी या अन्य सामान खरीदने जा रहे हैं, तो अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय का ध्यान रखें और अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी करें।
धार्मिक आस्था और परंपराओं के बीच धनतेरस का यह पर्व हर परिवार के लिए खुशियां, उत्साह और नई उम्मीदें लेकर आता है।
