Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT (विशेष जांच दल) को भी जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?
याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान, चढ़ावे और कीमती सामान के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।याचिकाकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी, खासकर CBI से कराने की मांग की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अभी इस मांग पर कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है।
SIT पहले से कर रही है जांच
इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था।शुरुआती जांच में दान की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली से जुड़े कुछ पहलुओं की समीक्षा की गई है। जांच एजेंसी ने मंदिर में सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIT अपनी जांच की ताजा प्रगति रिपोर्ट अदालत के सामने पेश करे, ताकि यह देखा जा सके कि मौजूदा जांच पर्याप्त है या किसी अन्य जांच एजेंसी की जरूरत है।अदालत ने यह भी कहा कि धार्मिक संस्थानों में आने वाले दान और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
अब आगे क्या होगा?
अब केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट के जवाब के साथ-साथ SIT की रिपोर्ट का इंतजार है।SIT रिपोर्ट और सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगा।राम मंदिर दान प्रकरण अब न्यायिक निगरानी में पहुंच चुका है, जिस पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।
