Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब दोबारा सक्रिय होने के संकेत दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 2 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

48 घंटे तक प्रदेश में नहीं हुई बारिश
छत्तीसगढ़ में पिछले 48 घंटे मौसम लगभग शुष्क रहा। इस दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में बड़ी बारिश दर्ज नहीं की गई।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह स्थिति ‘ब्रेक मानसून‘ की वजह से बनी थी। इस दौरान मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ जाते हैं और बारिश कराने वाले सिस्टम प्रदेश से दूर चले जाते हैं, जिससे कुछ दिनों के लिए बारिश की रफ्तार थम जाती है।हालांकि अब मौसम में बदलाव शुरू हो गया है और मानसून सिस्टम फिर सक्रिय होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में सामान्य से 29% कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।बारिश की स्थिति:
* 14 जिलों में सामान्य बारिश
* 16 जिलों में बारिश की कमी
* 1 जिले में अत्यधिक बारिश
तापमान में बढ़ोतरी, बिलासपुर रहा सबसे गर्म
बारिश थमने के कारण प्रदेश में गर्मी और उमस का असर बढ़ गया है।पिछले 24 घंटे में:
* बिलासपुर: 35.6°C अधिकतम तापमान
* राजनांदगांव और पेंड्रा रोड: न्यूनतम तापमान 25°C दर्ज किया गया।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार:
* बादल छाए रहेंगे
* गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
* तेज हवाएं चल सकती हैं
तापमान:
* अधिकतम: करीब 35°C
* न्यूनतम: करीब 27°C
जुलाई में सूखा रहना सामान्य नहीं
छत्तीसगढ़ में जुलाई का महीना सबसे ज्यादा बारिश वाला माना जाता है। ऐसे में पूरे प्रदेश में लगातार बारिश रुकना सामान्य स्थिति नहीं मानी जाती।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब:
- मानसून ट्रफ लाइन प्रदेश से दूर चली जाती है
- लो प्रेशर सिस्टम कमजोर हो जाता है
- बंगाल की खाड़ी से नमी कम मिलती है
तो ऐसी स्थिति में ब्रेक मानसून बनता है और बारिश कुछ समय के लिए थम जाती है।
किस जिले में कितनी बारिश?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अब तक:
* 462.5 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा:
* 265.7 मिमी
यानी यहां सामान्य से करीब 74% ज्यादा बारिश हुई है। यह प्रदेश का एकमात्र जिला है जो अत्यधिक बारिश की श्रेणी में है।
मुंगेली में भी सामान्य से ज्यादा बारिश
मुंगेली जिले में:
331.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है।
यह सामान्य से करीब 21% ज्यादा है।
इसके अलावा:
- बालोद: +4%
- बलौदाबाजार: +9%
- बलरामपुर: +6%
- दंतेवाड़ा: +14%
- जांजगीर-चांपा: +13%
- रायपुर: +8%
इन जिलों में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है।
इन जिलों में बारिश की कमी चिंता का विषय
कई जिलों में अभी भी बारिश सामान्य से कम है। प्रमुख जिले:
- बिलासपुर: -19%
- कोरबा: -14%
- राजनांदगांव: -13%
- नारायणपुर: -10%
इन क्षेत्रों में कम बारिश का असर खेती पर पड़ सकता है।
किसानों के लिए अहम समय
जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।कम बारिश वाले जिलों में:
* धान की बुआई प्रभावित हो सकती है
* फसलों की शुरुआती बढ़त धीमी हो सकती है
* किसानों को सिंचाई पर निर्भर रहना पड़ सकता है
हालांकि मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग की सलाह
* तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें
* बिजली गिरने के समय खुले मैदानों से बचें
* किसान मौसम अपडेट देखकर ही कृषि कार्य करें
* नदी-नालों के पास जाने से बचें
छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर करवट ले ली है। अगले 48 घंटे प्रदेश के कई इलाकों के लिए बारिश के लिहाज से अहम रहने वाले हैं।
