Anmol Sandesh News Desk,नोएडा
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-66 स्थित ममूरा इलाके में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। चार मंजिला रिहायशी इमारत में भीषण आग लगने से दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए।आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत धुएं से भर गई और दर्जनों लोग ऊपरी मंजिलों पर फंस गए। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने जोखिम उठाकर करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।

ई–स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुआ धमाका
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट में एक इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज की जा रही थी। इसी दौरान बैटरी में कथित तौर पर धमाका हुआ, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे बेसमेंट और फिर इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और बेसमेंट में खड़ी 30 से 40 बाइकें जलकर राख हो गईं।
50 परिवारों का रोमांचक रेस्क्यू
आग लगते ही बिल्डिंग में अफरा-तफरी मच गई। निचली मंजिलों पर मौजूद लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले कई परिवार धुएं और आग के बीच फंस गए।फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण दमकल वाहन इमारत तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद जवानों ने सड़क से पाइप जोड़कर करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।सबसे साहसिक रेस्क्यू में फायरकर्मियों ने जलती हुई इमारत की छत से सामने वाली बिल्डिंग तक सीढ़ियों का अस्थायी पुल बनाया और उसके जरिए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
2 लोगों की मौत, कई घायल
हादसे में 22 वर्षीय स्नेहा श्रीवास्तव, जो मूल रूप से बिहार की रहने वाली थीं, की जिंदा जलने से मौत हो गई। दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
इसके अलावा:
- एक बच्चा गंभीर रूप से झुलसा
- एक युवती भी गंभीर रूप से घायल हुई
- दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है
बिल्डिंग मालिक हिरासत में
हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही की जांच की जा रही है।
भीड़भाड़ वाले इलाके में हुआ हादसा
जिस इमारत में आग लगी, उसमें करीब 50 कमरे थे और यहां बड़ी संख्या में नौकरीपेशा लोग अपने परिवारों के साथ रहते थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
ई–स्कूटी चार्जिंग को लेकर सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों को हमेशा सुरक्षित और मानक चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए। बंद बेसमेंट या बिना पर्याप्त वेंटिलेशन वाले स्थानों पर चार्जिंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
