Anmol Sandesh News Desk, छतरपुर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में हुए कथित गोलीकांड के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आरोप है कि जमीन विवाद के दौरान मारपीट के बाद एक किसान को गोली मारी गई, जिसमें वह घायल हो गया। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, छतरपुर जिले में जमीन विवाद को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान शालिग्राम उर्फ सौरव गर्ग और एक किसान मोतीलाल कुशवाहा के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद मारपीट और गोली चलने की घटना सामने आई।बताया जा रहा है कि गोली लगने से किसान घायल हुआ, जिसका इलाज अस्पताल में जारी है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक:
* मामले में FIR दर्ज की गई है
* घटना की जांच जारी है
* सभी पहलुओं की जांच की जा रही है
कौन हैं शालिग्राम गर्ग?
शालिग्राम गर्ग मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव के रहने वाले हैं।उनके परिवार का संबंध लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों से रहा है।परिवार:
* पिता — पंडित रामकृपाल गर्ग (कथावाचक रहे हैं)
* माता — सरोज गर्ग
* बड़े भाई — पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम के प्रमुख)
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री देशभर में अपनी कथाओं और धार्मिक कार्यक्रमों के कारण प्रसिद्ध हैं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं शालिग्राम
शालिग्राम गर्ग इससे पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रहे हैं।उन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं, जिनमें:
* पिस्टल लहराने का आरोप
* धमकी देने के आरोप
* मारपीट के मामले
* टोल कर्मचारियों से विवाद
जैसे मामले शामिल रहे हैं।हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही तय होता है।

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कई बार दे चुके हैं बयान
शालिग्राम गर्ग को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि उनका और बागेश्वर धाम का शालिग्राम से कोई संबंध नहीं है।उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि शालिग्राम के व्यक्तिगत मामलों को बागेश्वर धाम या उनसे जोड़कर न देखा जाए।
अब पुलिस जांच पर नजर
गोलीकांड के बाद एक बार फिर शालिग्राम गर्ग चर्चा में हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर होगी।इस घटना के बाद छतरपुर से लेकर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक गलियारों तक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
