Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में सामने आई कथित अनियमितताओं को लेकर मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। योजना के तहत अस्पतालों की कार्यप्रणाली और क्लेम भुगतान की समीक्षा के दौरान गंभीर कमियां सामने आने के बाद भोपाल के तीन निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना के प्रभाव से तत्काल निलंबित कर दिया गया है।
किन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई?
कार्रवाई की जद में आने वाले अस्पताल हैं—
- यशवी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- सूर्यांश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- मारुति मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
विभागीय टीम ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत अरविंद शाह के नेतृत्व में तीनों अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजना के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के पालन में कई अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
अस्पतालों को 10 दिन का समय
स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिनों की मोहलत दी गई है।अब अस्पतालों की ओर से दिए जाने वाले जवाब और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुराने आयुष्मान क्लेम भी जांच के घेरे में
मामला सिर्फ मौजूदा अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों ने तीनों अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत पूर्व में किए गए दावों का भी लेखा-परीक्षण (ऑडिट) कराने के निर्देश दिए हैं।इस जांच में पुराने मरीजों के उपचार, अस्पतालों द्वारा किए गए दावों और उनके आधार पर हुए भुगतान की भी समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अस्पतालों के खिलाफ नियमानुसार और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
बड़ी बात
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के तहत होने वाली किसी भी गड़बड़ी पर विभाग की कार्रवाई सीधे तौर पर सरकारी स्वास्थ्य योजना की पारदर्शिता और मरीजों के हित से जुड़ी हुई है।
