Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम और चक्रवाती परिसंचरण के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने अलग-अलग इलाकों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले करीब 48 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। भारी बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।
आज कैसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम?
26 अगस्त को राजधानी रायपुर में सुबह मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है, लेकिन दोपहर बाद मौसम में तेजी से बदलाव होने की संभावना है। आसमान में घने बादल छाने के साथ कई इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रायपुर में आज अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
किन संभागों में ज्यादा असर?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण:
- सड़कों पर जलभराव हो सकता है।
- निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है।
- नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।
- यातायात प्रभावित हो सकता है।
- बिजली चमकने के दौरान खतरा बढ़ सकता है।
- तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के तार प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
आखिर क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अहम भूमिका निभा रहा है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा के आसपास कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक बनी मौसमी प्रणाली का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है। यह सिस्टम उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास से गुजर रहा है।इन मौसमी परिस्थितियों के कारण बंगाल की खाड़ी से बड़ी मात्रा में नमी छत्तीसगढ़ की ओर पहुंच रही है। नमी और सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में घने बादल बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
बारिश से तापमान में गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि बारिश के साथ मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मानसून सामान्य से सिर्फ 4% कम
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बताया जा रहा है। हालांकि प्रदेश के अलग-अलग संभागों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। बस्तर क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई है, जबकि रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में भी भारी बारिश देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
आकाशीय बिजली से रहें सावधान
भारी बारिश के दौरान सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का रहता है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए।अगर आप घर से बाहर हैं और अचानक तेज गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित इमारत में शरण लेना बेहतर है।
प्रशासन भी अलर्ट मोड पर
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
