Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी है। सुबह से ही बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने लगे, जिसके चलते पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

क्या है प्रदर्शन की मुख्य मांग?
CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पर्याप्त कदम नहीं उठा रही। पार्टी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग कर रही है।
सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया
सोमवार को सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के दो प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया गया। इस दौरान सरकार ने धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कायम रहे।केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा,“हमने अपनी बात सरकार के सामने रख दी है। अब फैसला उन्हें करना है। युवाओं को न्याय मिलना चाहिए। 12 साल में पहली बार सरकार आंदोलन के दबाव में बातचीत के लिए तैयार हुई है, यह इस आंदोलन की बड़ी जीत है। हमें आश्वासन मिला है कि हमारी मांगों पर जल्द जवाब दिया जाएगा।”सौरव दास ने पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई।
चंद्रशेखर आजाद भी धरने पर
उधर, संसद परिसर के भीतर सांसद चंद्रशेखर आजाद सोमवार रात 11 बजे से डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास धरने पर बैठे हुए हैं। भारी बारिश के बावजूद वे टेंट के नीचे डटे रहे। उनकी भी प्रमुख मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं।
फिलहाल क्या स्थिति है?
- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है।
- सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है।
- प्रदर्शनकारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
- सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और धरना कब तक जारी रहता है।
