Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर अब सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को लेकर नया मोड़ सामने आया है। प्रदर्शनकारी नेताओं ने सरकार के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि अगर बातचीत होगी तो किसी मंत्री के घर या कार्यालय में नहीं, बल्कि निष्पक्ष और तटस्थ स्थान पर होगी।बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई थी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात का प्रस्ताव रखा था, लेकिन प्रदर्शनकारी नेताओं ने फिलहाल इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।

‘मंत्री के घर या दफ्तर नहीं जाएंगे’
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि जेपी नड्डा ने अपने आवास पर बातचीत के लिए बुलाया है।उन्होंने कहा कि संगठन किसी नेता के निजी आवास या कार्यालय में जाकर बातचीत नहीं करेगा। यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो वह जंतर-मंतर आकर या किसी न्यूट्रल जगह पर चर्चा करे।
नड्डा ने सोनम वांगचुक से की थी मुलाकात
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली थी। बैठक के बाद नड्डा ने कहा था कि CJP के नेता जब भी चाहें, सरकार बातचीत के लिए तैयार है।सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि कुछ लोग भावनाओं का इस्तेमाल कर आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए बातचीत के जरिए समाधान निकालना जरूरी है।
लाठीचार्ज के बाद बढ़ा विवाद
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित लाठीचार्ज को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी है। नेताओं का कहना है कि बातचीत से पहले सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों और हाल की घटनाओं पर गंभीरता से विचार करना होगा।
अब आगे क्या?
CJP नेताओं के बातचीत से इनकार के बाद अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। देखना होगा कि क्या सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि जंतर-मंतर पहुंचता है या फिर बातचीत के लिए कोई नया रास्ता निकाला जाता है।
