Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश में सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम के चलते रविवार को कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिली। पश्चिमी मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के आसपास एक साथ कई मौसम प्रणालियां सक्रिय रहीं, जिसका असर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में दिखाई दिया। बड़वानी में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए, वहीं इंदौर, रतलाम, मुरैना समेत कई क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रहा।
आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी हल्की से तेज बारिश का अनुमान है। इनमें: भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
पश्चिमी MP में ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक 14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान और गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
15 सितंबर के बाद घटेगी बारिश की तीव्रता
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 15 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। अलग-अलग स्थानों पर बीच-बीच में हल्की से तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
लगातार बारिश के कारण जिन क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर हैं, वहां लोगों को जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी है।
