Anmol Sandesh News Desk, उज्जैन
उज्जैन में स्वाइन फ्लू (H1N1) को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिले में एक महीने के भीतर स्वाइन फ्लू से दूसरी मौत का मामला सामने आया है। अलकनंदा नगर निवासी 75 वर्षीय महिला का इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां 11 सितंबर की रात उनकी मौत हो गई। महिला की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में अब तक 14 मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं। राहत की बात यह है कि विभाग के अनुसार अन्य मरीज स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
1 सितंबर को अस्पताल में हुई थीं भर्ती
अलकनंदा नगर निवासी 75 वर्षीय महिला को 1 सितंबर को एबी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू की जांच कराने का निर्णय लिया। महिला का सैंपल जांच के लिए आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज, उज्जैन भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उन्हें अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। इलाज के दौरान 11 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे महिला की मौत हो गई।
परिवार और आसपास के 57 लोगों का सर्वे
महिला के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान परिवार के सदस्य उनसे मिलने पहुंचे थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उनके संपर्क में परिवार के 4 सदस्य आए थे। संक्रमण की स्थिति पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के 14 घरों में रहने वाले कुल 57 लोगों का सर्वे किया। विभाग के मुताबिक, सर्वे के दौरान किसी भी व्यक्ति में सर्दी, जुकाम, खांसी या बुखार जैसे लक्षण सामने नहीं आए।
एक महीने में दूसरी मौत
उज्जैन जिले में स्वाइन फ्लू से यह एक महीने के भीतर दूसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले 19 अगस्त को ऋषिनगर निवासी एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हुई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उज्जैन के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया था, जहां एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब तक 14 पॉजिटिव केस
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उज्जैन जिले में अब तक 14 स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना जरूरी है।
