Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।
भारत में आयोजित BRICS के 18वें शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भारत-ईरान संबंधों, चाबहार पोर्ट में निवेश और अमेरिका के साथ जारी युद्ध को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने भारत और ईरान के रिश्तों को हजारों साल पुराना बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संबंधों को लगातार बेहतर बताया।
भारत-ईरान रिश्तों पर क्या बोले पेजेश्कियान?
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और ईरान के बीच हजारों वर्षों का इतिहास और गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके संबंध भी हर दिन बेहतर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान मिलकर एक नया सहयोगी ढांचा तैयार कर सकते हैं और दुनिया में बढ़ रही चुनौतियों तथा तानाशाही के खिलाफ एक-दूसरे का समर्थन कर सकते हैं।
चाबहार पोर्ट पर भी खुलकर बोले ईरानी राष्ट्रपति
चाबहार पोर्ट में भारतीय निवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके देश पर बिना किसी तय अंतरराष्ट्रीय ढांचे के हमला किया गया। उन्होंने कहा कि चाबहार भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक स्थान है और परिस्थितियां सामान्य होने पर इसके विकास और गतिविधियों को फिर से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने भारत और ईरान के बीच इस क्षेत्र में सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
ईरान में निवेश को लेकर भारत को दिया संदेश
पेजेश्कियान ने कहा कि भारत ईरान में निवेश कर सकता है और दोनों देशों के बीच सहयोग तथा साझेदारी के कई रास्ते खुले हैं। उन्होंने कहा कि ईरान विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार है। ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, यदि कोई देश अपनी तरफ से दूसरे देशों पर प्रतिबंध लगाता है, तब भी भारत और ईरान एक-दूसरे के समर्थन और सहयोग के रास्ते तलाश सकते हैं। उन्होंने BRICS जैसे मंचों को भी इसी तरह के सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
US-ईरान संघर्ष पर पेजेश्कियान का बड़ा दावा
अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का असर ईरान को कमजोर करने के बजाय लोगों को और अधिक एकजुट करने के रूप में सामने आया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत के भरोसे ईरान पर हमला किया और उसे उम्मीद थी कि वह वेनेजुएला की तरह यहां भी अपने प्रभाव को स्थापित कर सकेगा तथा एक कठपुतली सरकार बना सकेगा। हालांकि, उनके अनुसार ऐसा नहीं हुआ।
भारत के लिए क्यों अहम है पेजेश्कियान का बयान?
ईरानी राष्ट्रपति के बयान में भारत के लिए सबसे अहम मुद्दे चाबहार पोर्ट, निवेश और रणनीतिक सहयोग हैं। चाबहार भारत को मध्य एशिया और अफगानिस्तान क्षेत्र तक वैकल्पिक कनेक्टिविटी देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में भारत-ईरान संबंधों को लेकर ईरानी राष्ट्रपति का यह बयान BRICS मंच पर खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
