Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई तत्काल राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने मामले की तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए शुक्रवार को सुनवाई करने की बात कही है।कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से आग्रह किया कि मामले की सुनवाई तत्काल की जाए, क्योंकि नामांकन वापसी की समय-सीमा समाप्त होने वाली है। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया।मीनाक्षी नटराजन की याचिका को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष मेंशन किया गया था। अदालत ने कहा कि मामले पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने फैसले को बताया पक्षपातपूर्ण
कांग्रेस ने अपनी याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि नामांकन रद्द करने का फैसला गैर-कानूनी, मनमाना और पक्षपातपूर्ण तरीके से लिया गया है। याचिका में अदालत से तत्काल हस्तक्षेप कर आदेश को निरस्त करने की मांग की गई है।
आधी रात को दायर की गई थी याचिका
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:48 बजे डिजिटल माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। साथ ही मामले की तत्काल सुनवाई की मांग भी की गई थी।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की जड़ वर्ष 2022 से जुड़े एक मामले को बताया जा रहा है। आरोप है कि तेलंगाना से संबंधित एक शिकायत के विवरण को चुनावी दस्तावेजों में उचित रूप से उजागर नहीं किया गया। इसी आधार पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया।वहीं कांग्रेस का कहना है कि नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों और कानून की भावना के विपरीत है तथा इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होती है।अब इस मामले में सभी की नजरें शुक्रवार को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत आगे की कार्रवाई और राहत पर फैसला ले सकती है।
