Anmol Sandesh News Desk, इंदौर
कांग्रेस नेता राहुल गांधी का युवाओं और छात्रों से संवाद का कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ 12 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित है। कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी छात्र-युवाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं, रोजगार, भर्ती प्रक्रियाओं तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस ने कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, आयोजन स्थल को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम कराने की योजना है, लेकिन प्रशासन की अनुमति का इंतजार है। यदि अनुमति नहीं मिलती है तो कांग्रेस को कार्यक्रम का स्थान बदलना पड़ सकता है।
50 हजार छात्रों की क्षमता वाले वैकल्पिक स्थल की तलाश
कांग्रेस संगठन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन से अनुमति हासिल करने के प्रयास में जुटा है। पार्टी की ओर से करीब 50 हजार छात्रों और युवाओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की जा रही है। इसी वजह से कांग्रेस संभावित वैकल्पिक स्थलों पर भी नजर बनाए हुए है। अब कार्यक्रम का अंतिम स्थान प्रशासन की अनुमति और सुरक्षा-व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।
राष्ट्रीय ध्वज के नीचे होगा आयोजन
कांग्रेस के मुताबिक ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को पार्टी के झंडे के बजाय राष्ट्रीय ध्वज के तले आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य कार्यक्रम को राजनीतिक सभा के बजाय युवाओं के साथ संवाद के मंच के रूप में पेश करना बताया जा रहा है। राहुल गांधी यहां अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले छात्रों और युवाओं से उनकी समस्याओं तथा अपेक्षाओं पर बातचीत करेंगे।
प्रदेशभर से युवाओं को जोड़ने की तैयारी
इंदौर के कार्यक्रम में केवल स्थानीय छात्रों तक सीमित रहने के बजाय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं को जोड़ने की तैयारी है। कांग्रेस की योजना इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य जिलों और शहरों से छात्रों को कार्यक्रम से जोड़ने की है। पार्टी संगठन जिला, ब्लॉक और शहर स्तर पर संपर्क बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों तक पहुंच बनाने की तैयारी कर रहा है।
भर्ती और रोजगार के मुद्दे पर युवाओं को साधने की कोशिश
पिछले कुछ समय से विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों एवं युवाओं के बीच असंतोष देखने को मिला है। कांग्रेस इसी वर्ग के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दे रही है। ‘छात्रों की गूंज’ के जरिए पार्टी युवाओं की समस्याओं को सुनने और उन्हें राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने की कोशिश कर रही है।
2028 के चुनाव से पहले युवा वोट बैंक पर नजर
मध्य प्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही युवा मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 11,81,747 मतदाता हैं, जबकि 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग में 1,29,52,421 मतदाता दर्ज हैं। इस तरह 18 से 29 वर्ष की आयु के मतदाताओं की संख्या करीब 1.41 करोड़ बताई जा रही है। यही बड़ा युवा वोट आधार राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है। कांग्रेस राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं, कार्यक्रम की सफलता के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती स्थान और प्रशासनिक अनुमति की है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम में ही होगा या इसके लिए किसी दूसरे बड़े स्थल का चयन किया जाएगा।
