Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
नवरात्रि के दिनों में घर में पूजा-पाठ की तैयारियों के साथ रोजमर्रा के काम भी चलते रहते हैं। सुबह जल्दी उठकर पूजा की तैयारी करना, घर के काम निपटाना और फिर ऑफिस, कॉलेज या दूसरे जरूरी कामों के लिए निकलना हो तो किचन में ज्यादा समय देना मुश्किल हो जाता है। खासकर व्रत रखने वालों के लिए रोज यह सोचना भी चुनौती बन जाता है कि आखिर ऐसा क्या बनाया जाए, जो जल्दी तैयार हो, स्वादिष्ट हो और व्रत में भी खाया जा सके। अगर आप भी नवरात्रि में व्रत रख रहे हैं और सुबह के समय ज्यादा देर किचन में नहीं बिताना चाहते, तो कुछ ऐसे आसान नाश्ते हैं जिन्हें कम समय में तैयार किया जा सकता है। साबूदाना खिचड़ी से लेकर कुट्टू का चीला और फल-दही के बाउल तक, ये विकल्प सुबह की व्यस्तता में काफी काम आ सकते हैं।
1. साबूदाना खिचड़ी—व्रत का सबसे लोकप्रिय नाश्ता
नवरात्रि के व्रत में साबूदाना खिचड़ी सबसे पसंद किए जाने वाले व्यंजनों में शामिल है। अगर साबूदाना रात में ही भिगोकर रख दिया जाए तो सुबह इसे तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता। इसके लिए भीगे हुए साबूदाने में मूंगफली, जीरा, हरी मिर्च और सेंधा नमक मिलाया जा सकता है। इसे घी में हल्का पकाएं। आखिर में नींबू का रस और हरा धनिया डालने से स्वाद और बढ़ जाता है।
टिप: साबूदाना ज्यादा देर तक पानी में रखने से चिपचिपा हो सकता है, इसलिए इसे भिगोते समय पानी की मात्रा का ध्यान रखें।
2. कुट्टू का चीला—कम समय में स्वादिष्ट नाश्ता
व्रत में कुट्टू के आटे से बनने वाला चीला भी एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प है। कुट्टू के आटे में उबला हुआ आलू, हरी मिर्च और सेंधा नमक मिलाकर घोल तैयार करें। इसके बाद तवे पर थोड़ा घी लगाकर घोल को चीले की तरह फैलाएं और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। इसे दही के साथ परोसा जा सकता है। सुबह के समय यह नाश्ता जल्दी तैयार होने के साथ काफी भरपेट भी लगता है।
3. सामक के चावल की खिचड़ी—हल्का और आसान ऑप्शन
अगर आप सुबह कुछ हल्का खाना चाहते हैं तो सामक के चावल की खिचड़ी अच्छा विकल्प हो सकती है। इसे बनाने के लिए सामक के चावल के साथ आलू और मूंगफली का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें व्रत में इस्तेमाल किए जाने वाले मसाले और सेंधा नमक डालकर खिचड़ी तैयार करें। यह नाश्ता खास तौर पर उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो सुबह भारी खाना पसंद नहीं करते।
4. साबूदाना टिक्की—क्रिस्पी नाश्ते का स्वाद
अगर घर में पहले से उबले हुए आलू रखे हैं तो साबूदाना टिक्की बहुत जल्दी तैयार की जा सकती है। भीगे हुए साबूदाने में उबला आलू, मूंगफली और सेंधा नमक मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इसकी छोटी-छोटी टिक्की बनाकर तवे पर थोड़ा घी लगाकर सेंक लें। टिक्की बाहर से हल्की क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट बनती है। इसे दही या व्रत में खाई जाने वाली चटनी के साथ खाया जा सकता है।
5. फल और दही का बाउल—जब खाना हो बिल्कुल आसान
अगर सुबह आपके पास खाना बनाने का बिल्कुल समय नहीं है, तो फल और दही का बाउल सबसे आसान विकल्पों में से एक हो सकता है। कटे हुए फल जैसे केला, सेब, पपीता या अनार को ताजे दही के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। हालांकि, व्रत में कौन-कौन से फल और डेयरी उत्पाद लिए जाते हैं, यह व्यक्ति की व्रत-परंपरा और खान-पान के नियमों पर निर्भर करता है।
6. कुट्टू की रोटी और दही—पारंपरिक और भरपेट
नाश्ते में कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो ज्यादा देर तक पेट भरा रखे, तो कुट्टू की रोटी और दही का कॉम्बिनेशन आजमा सकते हैं। कुट्टू के आटे की नरम रोटी तैयार करके इसे ताजे दही के साथ खाया जा सकता है। चाहें तो साथ में उबला हुआ आलू या व्रत के अनुसार तैयार की गई हल्की सब्जी भी ली जा सकती है।
7. आलू-मूंगफली का हल्का चाट—झटपट तैयार
उबले हुए आलू और भुनी हुई मूंगफली से भी कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट व्रत वाला नाश्ता तैयार किया जा सकता है। आलू को छोटे टुकड़ों में काटकर उसमें मूंगफली, सेंधा नमक, नींबू का रस और हरा धनिया मिलाएं। अगर आपकी व्रत-परंपरा में हरी मिर्च और अन्य सामग्री की अनुमति है, तो स्वाद के अनुसार उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नाश्ता बिना ज्यादा मेहनत के तैयार हो जाता है।
सुबह की भागदौड़ में ऐसे करें तैयारी
नवरात्रि में अगर सुबह का समय बचाना चाहते हैं तो कुछ तैयारियां रात में ही कर सकते हैं। साबूदाना रात में भिगोकर रखें, आलू पहले से उबालकर फ्रिज में रख लें और मूंगफली को पहले से भूनकर एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है। इस तरह सुबह आपको केवल सामग्री मिलाकर नाश्ता तैयार करना होगा और किचन में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
व्रत में एक बात का रखें खास ध्यान
व्रत के दौरान खाने की परंपराएं अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में अलग हो सकती हैं। किसी सामग्री का सेवन करने से पहले यह जरूर देख लें कि वह आपके व्रत के नियमों में शामिल है या नहीं। साथ ही ज्यादा तला-भुना खाना खाने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन और पर्याप्त पानी लेना बेहतर है।
