Anmol Sandesh News Desk,अयोध्या
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में आने वाले दान की गिनती और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर में चढ़ने वाली नकदी की गिनती का पूरा काम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। यह बदलाव दान व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।राम मंदिर में कथित चंदा चोरी मामले के बाद मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दान गिनने की प्रक्रिया को अब बैंकिंग सिस्टम के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है।

अब SBI कर्मचारी करेंगे दान की गिनती
नई व्यवस्था के तहत मंदिर में आने वाली नकदी की गिनती अब सिर्फ SBI के अधिकृत कर्मचारी करेंगे। इसके लिए बैंक की अलग-अलग शाखाओं से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।ट्रस्ट का मानना है कि बैंक कर्मचारियों के जरिए दान की गिनती होने से पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी। साथ ही पैसों के हिसाब-किताब में जवाबदेही भी तय रहेगी।
36 कर्मचारियों की सेवा समाप्त
नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर में पैसों की गिनती से जुड़े 36 कर्मचारियों को हटाया गया है। बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी एक निजी एजेंसी के माध्यम से हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में नियुक्त थे और दान राशि की गिनती का काम भी करते थे।ट्रस्ट ने सभी हटाए गए कर्मचारियों को अपने आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पहले कैसे होती थी दान की गिनती?
अब तक राम मंदिर में चढ़ने वाली नकदी की गिनती निजी एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा की जाती थी। ये कर्मचारी मंदिर व्यवस्था के तहत दान राशि की गणना करते थे।हालांकि, नई व्यवस्था के बाद अब यह जिम्मेदारी सीधे SBI को दे दी गई है।
कर्मचारियों ने जताई नाराजगी
काम से हटाए गए कुछ कर्मचारियों ने बिना नोटिस नौकरी खत्म किए जाने पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अचानक नौकरी जाने से उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।वहीं, ट्रस्ट के फैसले को लेकर उनका कहना है कि उन्हें किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।
चंदा चोरी मामले से अलग है कर्मचारियों को हटाने का फैसला
राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच फिलहाल SIT कर रही है। इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।हालांकि, ट्रस्ट द्वारा हटाए गए 36 कर्मचारियों और चंदा चोरी मामले में गिरफ्तार लोगों के बीच कोई संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों मामलों को अलग-अलग देखा जा रहा है।
नई व्यवस्था का उद्देश्य
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में दान राशि भी प्राप्त होती है। ऐसे में ट्रस्ट का यह कदम दान प्रबंधन को और मजबूत बनाने तथा श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
