Anmol Sandesh News Desk,पटना
पटना के चर्चित फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद को बड़ी राहत मिली है। पटना की एडीजे-33 (ADJ-33) अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए बेल मंजूर कर ली है। रौशन आनंद पिछले 12 दिनों से बेऊर जेल में बंद थे।जमानत मिलने के बाद रौशन आनंद जल्द ही जेल से रिहा होकर सहरसा पहुंचेंगे, जहां वे अपने छोटे भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। प्रिंस यादव भी इसी मामले में आरोपी बनाए गए थे, लेकिन हाल ही में नेपाल के एक होटल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
भाई की मौत से परिवार में मातम
रौशन आनंद को जमानत मिलने से परिवार को राहत जरूर मिली है, लेकिन प्रिंस यादव की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। नेपाल में हुई इस मौत को लेकर परिवार ने कई सवाल खड़े किए हैं।परिजनों का दावा है कि प्रिंस यादव के शरीर पर चोट के निशान थे और उनकी मौत की परिस्थितियां संदिग्ध हैं। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने की अपील की है।
बेऊर जेल में थे बंद
फायरिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद को पटना की बेऊर जेल भेजा गया था। करीब 12 दिनों तक जेल में रहने के बाद अब अदालत से राहत मिलने पर उनके रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि जेल से रिहाई की सटीक समय-सीमा को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
कोर्ट में क्या हुई दलील?
सुनवाई के दौरान रौशन आनंद के वकील ने अदालत में दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि विवाद और कथित हमले की घटना से रौशन आनंद का कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और उन्हें अनावश्यक रूप से आरोपी बनाया गया है।वकील ने अदालत से कहा कि रौशन आनंद को जेल में रखना न्यायोचित नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी।
मामले ने बटोरी थी सुर्खियां
खान सर की कोचिंग संस्था से जुड़े विवाद और फायरिंग मामले ने बिहार में व्यापक चर्चा बटोरी थी। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव का नाम भी शामिल था। अब रौशन आनंद को जमानत मिलने के बाद इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है, जबकि प्रिंस यादव की मौत को लेकर उठ रहे सवालों ने जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी है।
