Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में युवाओं, रोजगार, कौशल विकास और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार, 9 सितंबर को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन, नई निर्यात प्रोत्साहन नीति, नवा रायपुर में NSTI की स्थापना और सरकारी एवं संबद्ध संस्थानों के कर्मचारियों के लिए आयु सीमा बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं।
1. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने युवाओं को रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वहीं NIPUN JOB Engine के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और औपचारिक रोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि ‘जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर’ बनाने का है। इसके जरिए छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप, नवाचार और नई तकनीक आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की योजना है।
2. छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 मंजूर
कैबिनेट ने प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति में निर्यात से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और व्यापार सुविधाओं में सुधार पर जोर दिया जाएगा। कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्र में तैयार होने वाले वैल्यू एडेड उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उद्यमियों और निर्यातकों को विदेशी खरीदारों से सीधे जोड़ने का प्रयास होगा। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों तरह की वृद्धि करना है।
3. नवा रायपुर में बनेगा NSTI, ₹200 करोड़ का प्रोजेक्ट
युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में National Skill Training Institute (NSTI) स्थापित किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ जमीन नि:शुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। करीब ₹200 करोड़ की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान में दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों के जरिए हर साल करीब 1,000 प्रशिक्षुओं तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। यहां उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि NSTI से युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
4. कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 वर्ष
कैबिनेट ने सरकारी और संबद्ध संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी अहम फैसला लिया है। स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल और स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से ऐसे कर्मचारियों को सरकारी सेवा में उच्च पदों और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
5. दुर्ग में नए जिला न्यायालय परिसर का रास्ता साफ
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी है। यह जमीन बीआईटी कॉलेज के पास स्थित है और वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इस निर्णय के बाद दुर्ग में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा। इससे न्यायिक अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
युवाओं से रोजगार और निर्यात तक—कैबिनेट के फैसलों का फोकस
साय कैबिनेट के इन फैसलों में एक तरफ युवाओं के कौशल विकास और स्टार्टअप पर जोर दिया गया है, तो दूसरी ओर प्रदेश के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है। NSTI और NIPUN मिशन के जरिए स्किल्ड मैनपावर तैयार करने तथा निर्यात नीति के जरिए उद्योगों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। सरकार के मुताबिक, इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना, युवाओं को आधुनिक कौशल देना, उद्यमिता को बढ़ावा देना और छत्तीसगढ़ को निवेश एवं उद्योग के लिए मजबूत केंद्र बनाना है।
एक नजर में 5 बड़े फैसले
₹500 करोड़ — मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के लिए 5 वर्षों का प्रावधान।
33 जिले — हर जिले में उद्यमिता विकास केंद्र।
100 लैब — इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित होंगी।
₹200 करोड़ — नवा रायपुर NSTI की अनुमानित लागत।
38 से 45 वर्ष — सरकारी एवं संबद्ध कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में वृद्धि।
