Anmol Sandesh News Desk, देहरादून
ऊर्जा संकट और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य की बिजली वितरण कंपनी यूपीसीएल (UPCL) ने ऊर्जा संरक्षण अभियान के तहत 23 नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य बिजली और ईंधन की बचत के साथ-साथ सरकारी खर्चों में कटौती करना है।
AC के उपयोग पर सख्ती
नए आदेश के अनुसार सभी कार्यालयों और सरकारी भवनों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अनिवार्य होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को एसी का कम से कम उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा कार्यालयों में अनावश्यक लाइटिंग और सजावटी रोशनी पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

अफसरों को करना होगा कारपूल
यूपीसीएल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निजी वाहनों के बजाय कारपूलिंग, कर्मचारी बस सेवा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही कर्मचारियों को साइकिल से कार्यालय आने-जाने के लिए प्रेरित करने हेतु विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।
यात्राओं पर रोक, वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा
ऊर्जा और खर्चों की बचत के लिए गैर-जरूरी घरेलू और विदेशी यात्राओं पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। विभागों को वर्चुअल मीटिंग और हाइब्रिड गवर्नेंस मॉडल अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत हो सके।

लंच ब्रेक में भी बचत का संदेश
कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे लंच ब्रेक के दौरान बाहर जाने के बजाय कार्यालय परिसर में ही भोजन करें। इससे ईंधन की खपत और समय दोनों की बचत होगी।
मेक इन इंडिया और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
सरकारी खरीद में शत-प्रतिशत “मेक इन इंडिया” नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। त्योहारों और अन्य अवसरों पर स्थानीय हस्तशिल्प एवं जीआई-टैग उत्पादों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य पर भी फोकस
यूपीसीएल की कैंटीनों में तेल की खपत की समीक्षा की जाएगी और कर्मचारियों को कम तेल वाले स्वास्थ्यवर्धक भोजन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
